दिल्ली में करवट लेगा मौसम: पश्चिमी विक्षोभ से बारिश का भी अनुमान; दूर होगी पलूशन वाली टेंशन

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ABC NEWS: दिल्ली में लगातार बढ़ते प्रदूषण के बीच मौसम विभाग ने थोड़ी राहत की खबर दी है. दरअसल, दिल्ली-एनसीआर में आज वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के चलते हवा की गति में तेजी आएगी जिससे प्रदूषण का स्तर घट सकता है. हवा में प्रदूषक तत्वों में कमी होने से लोगों को जहरीली हवा से थोड़ी राहत मिल सकती है.  मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली में बीती रात इस सीजन की सबसे ठंडी रात साबित हुई. 6 नवंबर न्यूनतम तापमान इस मौसम का सामान्य से दो डिग्री कम रहा. इससे पहले सीजन का सबसे ठंडा दिन 28 अक्टूबर को था, जब न्यूनतम तापमान 14.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था. मौसम विभाग के मुताबिक ऐसा उत्तर-पश्चिमी हवा की दिशा में अचानक बदलाव के कारण हुआ. हवा में बदलाव की वजह से दिल्ली में बीती रात तापमान में गिरावट आई.

मौसम विभाग के मुताबिक, दिल्ली के कई इलाकों में दिवाली के बाद बारिश के आसार हैं. इसी के साथ, दिवाली के बाद भी प्रदूषण में थोड़ी राहत की उम्मीद जताई जा रही है. साथ ही 9 नवंबर को भी दिल्ली में कुछ जगहों पर बूंदाबांदी देखने को मिल सकती है. दिल्ली में न्यूनतम तापमान गिरकर 13.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया. यही वजह है कि सोमवार इस सीजन में अब तक का सबसे ठंडा दिन साबित हुआ. आईएमडी के मुताबिक दिल्ली की हवा की दिशा पहले ही दक्षिण-पूर्वी हो गई है, जिससे दिल्ली में नमी आएगी और तापमान में मामूली वृद्धि होगी.

आईएमडी के मौसम वैज्ञानिक कुलदीप श्रीवास्तव के अनुसार एक पश्चिमी विक्षोभ उत्तर पश्चिम भारत की ओर से आ रहा है, जिससे हवा की दिशा में बदलाव आया है. अब अगले कुछ दिनों में हवा की दिशा परिवर्तनशील रहेगी, जो दक्षिण-पूर्वी, पश्चिमी और उत्तर-पश्चिमी के बीच बदलती रहेगी. दिल्ली का तापमान एक बार फिर बढ़ सकता है. 10 नवंबर तक लगभग 17 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है. 11 नवंबर से ही उत्तर-पश्चिमी हवा की वापसी की उम्मीद है.

दिल्ली में मंगलवार को सुबह प्रदूषण के स्तर में मामूली गिरावट आयी और लगातार पांच दिन वायु गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में रहने के बाद ”बहुत खराब” श्रेणी में दर्ज की गयी है. दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 394 दर्ज किया गया है जबकि सोमवार शाम चार बजे एक्यूआई 421 दर्ज किया गया. प्रदूषण के स्तर में मामूली गिरावट आने के बावजूद पीएम2.5 (सूक्ष्म कण जो सांस लेने पर श्वसन प्रणाली में गहराई तक प्रवेश कर सकते हैं और श्वसन संबंधी समस्याएं पैदा कर सकते हैं) की सांद्रता 60 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर की सुरक्षित सीमा से सात से आठ गुना अधिक रही. यह विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा निर्धारित स्वस्थ सीमा (15 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर) से 30 से 40 गुना अधिक है. पड़ोसी हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के कई शहरों में भी हानिकारक वायु गुणवत्ता दर्ज की गई. गाजियाबाद में एक्यूआई 338, गुरुग्राम में 364, नोएडा में 348, ग्रेटर नोएडा में 439 और फरीदाबाद में 382 दर्ज किया गया.

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