लखनऊ में मुख्तार गैंग का शूटर एनकाउंटर में घायल, STF ने 3 साथियों के साथ दबोचा

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ABC NEWS: UP की राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में गुरुवार देर रात मुख्तार अंसारी गैंग से जुड़े बदमाशों की एसटीएफ से मुठभेड़ हो गई. इस एनकाउंटर में 25000 का ईनामी बदमाश दिग्विजय यादव उर्फ रवि एसटीएफ की गोली से घायल हो गया, जिसे गिरफ्तार कर लिया गया है. दिग्विजय यादव गाजीपुर के पत्रकार राजेश मिश्रा की हत्या का मुख्य आरोपी है. एसटीएस ने उसके तीन अन्य साथियों उत्कर्ष यादव, उमेश यादव, रवि यादव को भी मुठभेड़ में गिरफ्तार किया. आरोपियों से 3 तमंचे बरामद किए गए हैं. एसटीएफ के मुताबिक ये सभी किसी वारदात को अंजाम देने के इरादे से लखनऊ आए थे. इनके खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं.

एसटीएफ के डिप्टी एसपी धर्मेश कुमार शाही ने बताया, ‘दिग्विजय गाजीपुर जिले में पत्रकार राजेश मिश्रा की हत्या में मोस्ट वांटेड अपराधी है. आजमगढ़ पुलिस ने उसके सिर 25,000 रुपए का इनाम घोषित कर रखा है. रात सूचना मिली कि चार बदमाश कार से अलीगंज इलाके में बड़ी वारदात अंजाम देने के लिए घूम रहे हैं. इस पर स्थानीय पुलिस को अलर्ट किया गया और एसटीएफ की टीम भी पहुंची. रात करीब 10 बजे केंद्रीय विद्यालय के सामने पार्क के पास कार में चार संदिग्ध युवक दिखे. एसटीएफ टीम ने रोकने का प्रयास किया तो कार सवार तेज रफ्तार से भागने लगे. घेराबंदी करने पर कार से उतरकर भागने लगे और फायरिंग शुरू कर दी. एसटीएफ ने जवाबी फायरिंग की. इसमें गाजीपुर के करंडा गांव निवासी रवि यादव उर्फ दिग्विजय के पैर में गोली लग गई. वहीं, तीन अन्य बदमाशों उत्कर्ष यादव, उमेश यादव व रवि यादव को भी दबोच लिया गया.’

मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद मुख्तार गैंग से जुड़ा दिग्विजय
पुलिस ने मौके से तीन तमंचा, जिंदा कारतूस और एक अर्टिगा कार बरामद की है. रवि पर हत्या, हत्या के प्रयास व रंगदारी मांगने के मामले में 18 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं. पुलिस गिरफ्तार किए गए अन्य तीन आरोपियों की कुंडली खंगाल रही है. एसटीएफ के मुताबिक दिग्विजय पहले मुन्ना बजरंगी के लिए काम करता था. बजरंगी की हत्या के बाद मुख्तार अंसारी गैंग के लिए काम करने लगा. वह पांच साल पहले बजरंगी के करीबी तौफीक की हत्या के बाद लखनऊ से फरार हो गया था और मुख्तार के कुछ करीबियों के सम्पर्क में रहने लगा था. उनके कहने पर हत्या और रंगदारी की घटनाओं को अंजाम दे रहा था.

गाजीपुर में पत्रकार राजेश मिश्रा की हत्या के बाद से था फरार
दो साल पहले उसका साथी राजेश उर्फ पुन्ना पुलिस मुठभेड़ में मारा गया था. गाजीपुर के करंडा थानाक्षेत्र में 21 अक्टूबर, 2017 को आरएसएस कार्यकर्ता और पत्रकार राजेश मिश्रा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. राजेश ने अवैध शराब की तस्करी और बालू खनन के विरोध में कई खबरें लिखी थीं. इस हत्याकांड की साजिश जेल से रची गई थी. मुख्य आरोपी राजीव उर्फ रजनीश यादव था. पुलिस ने इस हत्याकांड में बिहार के भभुआ के चैनपुर रायगढ़ के अजीत यादव, हाटा के झनकू यादव व चंदौली के धीना निवासी सुनील यादव की गिरफ्तारी की थी. एसटीएफ के डिप्टी एसपी डीके शाही के मुताबिक रवि यादव उर्फ दिग्विजय का नाम भी इस हत्याकांड में आया था.

लूटकांड काआरोपी गाजीपुर में हुए मुठभेड़ में गिरफ्तार
गाजीपुर में भी गुरुवार देर रात पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हुई. सदर कोतवाली क्षेत्र के सुखदेवपुर इलाके में हुई एस मुठभेड़ में 25 हजार का ईनामी बदमाश पुलिस की गोली लगने से घायल हो गया, जिसे गिरफ्तार कर लिया गया है. गाजीपुर के एसपी रोहन पी. बोत्रे ने बताया कि गिरफ्तार बदमाश की पहचान आजमगढ़ निवासी दिलीप यादव के रूप में हुई है. वह झारखण्ड में सरिया लदी ट्रक लूटकांड में था शामिल. ड्राइवर की हत्या कर ट्रक समेत 20 हजार किलो सरिया की लूट हुई थी. इस लूट कांड में शामिल 3 बदमाशो को गाजीपुर पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है.

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