कभी सुसाइड करना चाहते थे मोहम्मद शमी: कमरे में पहरा देते थे घरवाले, आज हीरो नंबर 1

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ABC NEWS: अगर मुझे मेरे परिवार का साथ नहीं मिलता तो मैं क्रिकेट छोड़ देता. मैंने 3 बार खुदकुशी करने के बारे में सोचा था. मेरा घर 24वीं मंजिल पर था और मेरे परिवार को लगता था कि मैं कहीं अपार्टमेंट से कूद न जाऊं. ये शब्द भारत के स्टार गेंदबाद मोहम्मद शमी के थे. ये वो समय था जब उन्होंने अपनी जिंदगी के सबसे कठिन दौर का जिक्र किया था. लेकिन समय के साथ-साथ कठिनाइयां कम हुईं और शमी इतिहास लिखने चल पड़े. आज शमी की गेंदबाजी का लोहा दुनिया मान रही है.

उन्होंने बुधवार को न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले गए वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में 7 विकेट चटकाकर भारत को शानदार जीत दिलाई. इसी मैच में वह वनडे क्रिकेट में चौथी बार पांच विकेट लेने वाले गेंदबाज बन गए हैं. इसके अलावा उनके नाम एक और गजब का रिकॉर्ड दर्ज हो गया है. वर्ल्ड कप में 50 विकेट लेने वाले वह पहले भारतीय गेंदबाज बन गए हैं.

तीन-तीन बार सुसाइड करना चाहते थे शमी
यहां तक पहुंचने की राह शमी के लिए बिल्कुल भी आसान नहीं थी. पिछले कुछ वर्षों से शमी कई आरोपों और विवादों से जुड़े रहे. यही वो समय था जब उन्होंने एक बार नहीं, तीन-तीन बार सुसाइड करने की ठान ली थी. ये वो समय था जब शमी 2015 वर्ल्ड कप के बाद चोट से वापसी कर रहे थे और उनकी पर्सनल लाइफ में बहुत उथल-पुथल मची थी. लेकिन किस्मत में कुछ और ही लिखा था. परिवार का साथ मिला और वह अपने बुरे वक्त से लड़कर इस मुकाम तक पहुंचे.

इंस्टाग्राम लाइव पर बयां की थी दास्तां
दरअसल, 2020 में कोरोनाकाल के दौरान एक रोहित शर्मा के साथ इंस्टाग्राम लाइव में शमी ने सुसाइड का ख्याल आने वाली बात का खुलासा किया था. उन्होंने कहा था, “मैं 2015 वर्ल्ड कप में चोटिल हो गया था. इसके बाद टीम में वापसी करने में मुझे 18 महीने लगे और वह मेरे जीवन का सबसे मुश्किल दौर था. आप जानते हैं कि रिहैब कितना मुश्किल होता है और उसके बाद पारिवारिक समस्याएं. ये सब चल रहा था और इसी बीच आईपीएल से 10-12 दिन पहले मेरा एक्सीडेंट हो गया. मीडिया में काफी कुछ चल रहा था मेरे निजी मुद्दों को लेकर.”

शमी ने आगे कहा था, “मुझे लगता है कि अगर मेरे परिवार का साथ मुझे नहीं मिलता तो मैं क्रिकेट छोड़ देता. मैंने तीन बार खुदकुशी करने के बारे में भी सोचा था. मेरे परिवार में से किसी को मुझ पर नजर रखने के लिए मेरे पास बैठना होता था. मेरा घर 24वीं मंजिल पर था और उन्हें लगता था कि मैं कहीं अपार्टमेंट से कूद न जाऊं.”

‘परिवार साथ न होता तो कुछ भयानक कर जाता’
उन्होंने कहा, “मेरा परिवार मेरे साथ था और इससे बड़ी ताकत कुछ नहीं हो सकती. वे मुझसे कह रहे थे कि हर समस्या का समाधान होता है और सिर्फ अपने खेल पर ध्यान दो. जिस चीज में तुम अच्छे हो उसमें खो जाओ. इसलिए मैंने सबकुछ खो दिया. मैं नेट्स में गेंदबाजी कर रहा था. मैं रनिंग एक्सरसाइज कर रहा था. मुझे नहीं पता था कि मैं क्या कर रहा था. मैं दबाव में था. अभ्यास के समय में मैं दुखी हो जाता था और मेरा परिवार मुझसे कहता था कि फोकस रहो. मेरा भाई मेरे साथ था. मेरे कुछ दोस्त मेरे साथ थे और मैं यह बात कभी नहीं भूल सकता और अगर वह लोग नहीं होते तो मैं कुछ भयानक कर जाता.

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