बुध प्रदोष व्रत आज, करें ये उपाय बरसेगी भगवान भोलेनाथ की कृपा, भूलकर भी न करें ये गलतियां

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ABC NEWS: सनातन धर्म में प्रदोष व्रत काफी महत्वपूर्ण माना जाता है. इस दिन भगवान शिव की पूजा की जाती है. प्रदोष व्रत को लेकर मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव की विधि विधान के साथ पूजा करने से भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त होता है और जीवन में सुख समृद्धि और खुशहाली आती है. प्रदोष व्रत के दिन पूजा कैसे करें, इस बारे में TV9 डिजिटल हिंदी ने बात की ज्योतिषाचार्य पंडित राकेश पांडेय से.

भगवान शिव को प्रसन्न करने के उपाय?

ज्योतिषाचार्य पंडित राकेश पांडेय बताते हैं कि भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए प्रदोष व्रत के दिन गेहूं के आटे में गाय का घी और शक्कर मिलाकर भोग बनाएं और पूजा के समय भगवान शिव को ये भोग अर्पित करें. माना जाता है ऐसा करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और उनकी कृपा दृष्टि बरसती है. आज के दिन 21 बेलपत्र पर चंदन से ॐ नम: शिवाय मंत्र लिखें और पूजा के समय एक-एक करके सभी बेलपत्र भगवान शिव को अर्पित कर दें. ऐसा करने से भी भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती हैं.

प्रदोष व्रत के दिन भूलकर भी न करें ये गलतियां

– ज्योतिष शास्त्र में प्रदोष व्रत का विशेष महत्व बताया गया है. बता दें कि प्रदोष व्रत के दिन पूजा के दौरान भगवान शिव को सिंदूर, हल्दी, तुलसी, केतकी और नारियल का जल बिल्कुल भी न अर्पित करें. ऐसा करने से आपको भोलेनाथ की नाराजगी का सामना करना पड़ सकता है.

– मानयता है कि प्रदोषव व्रत के दिन महिलाओं को शिवलिंग स्पर्श नहीं करना चाहिए.  इससे मां पार्वती नाराज हो जाती हैं और साधक को उनके प्रकोप का सामना करना पड़ता है.

– ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस दिन तामसिक भोजन जैसे शराब, मांस, प्याज, लहसुन आदि का सेवन भूलकर भी नहीं करना चाहिए.

– आज के दिन किसी का अपमान भूलकर भी न करें.

– ज्योतिष शास्त्र के अनुसार प्रदोष व्रत के दिन व्यक्ति को ज्यादा देर नहीं सोना चाहिए.

– इस व्रत रखने वाले साधक चावल, नमक का सेवन नहीं करें. प्रदोष व्रत के दिन काले रंग के वस्त्र पहनने से बचें.

बुध प्रदोष व्रत पूजा विधि जानें

ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि बुध प्रदोष व्रत करने के लिए सुबह जल्दी उठकर नित्य क्रिया के बाद घर की अच्छे से साफ सफाई करें. अब स्नान के बाद साफ और स्वच्छ वस्त्र धारण करें और सूर्य देव को जल अर्पित करें. अब बुध प्रदोष व्रत करने का संकल्प करें. शाम के समय शुभ मुहूर्त में धूप और दीपक जलाकर भगवान शिव की पूजा अर्चना करें. अब गाय के दूध और गंगाजल से शिवलिंग का अभिषेक करें. अब सफेद चंदन, अक्षत, पुष्प, फल, बेलपत्र, भांग, धतूरा आदि चढ़ाएं. अब दूध से बनी हुई मिठाई का भोग लगाएं और शिव चालीसा का पाठ करें. बुध प्रदोष व्रत कथा पढ़ें या सुनें. उसके बाद शिव जी की आरती करें.

इन मंत्रों का करें जाप?

प्रदोष व्रत के दिन ॐ नमः शिवाय मंत्र का जाप करना बहुत शुभ माना जाता है. इस मंत्र का कम से कम 108 बार जाप जरूर करना चाहिए. ऐसा करने से भगवान शिव की कृपा दृष्टि प्राप्त होती है और जीवन खुशहाल बनता है. आज के दिन प्रदोष काल में भगवान शिव का अभिषेक करते समय उनके महामृत्युंजय मंत्र का निरंतर जाप करते रहें. यह भगवान शिव का अत्यंत शक्तिशाली मंत्र माना जाता है. मान्यता है कि इस मंत्र के प्रभाव से अकाल मृत्यु का भय समाप्त हो जाता है.

महामृत्युंजय मंत्र:

ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् । उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् ।।

आज प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव के गायत्री मंत्र के जाप को बहुत ही शुभ फलदायक और प्रभावशाली माना जाता है. मान्यता है गायत्री मंत्र का जाप करने से सुख,शांति और समृद्धि की प्राप्ति होती है और जीवन खुशहाल बनता है.

गायत्री मंत्र :

ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि! तन्नो रुद्रः प्रचोदयात् ।।

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