कोरोना के गंभीर मरीजों के इलाज में एंटीबाडी के इस्तेमाल की WHO ने की सिफारिश

ABC News: विश्व स्वास्थ्य संगठन ने गंभीर कोरोना मरीजों के लिए एंटीबाडी इलाज की सिफारिश की है. बीएमजे में शुक्रवार को प्रकाशित विश्व स्वास्थ्य संगठन के नवीनतम दिशानिर्देशों के अनुसार, अस्पताल में भर्ती होने वाले, उच्च जोखिम वाले या गंभीर बीमारी वाले लोगों को दो एंटीबाडी इलाज दिया जाना चाहिए. WHO गाइडलाइन डेवलपमेंट ग्रुप पैनल कोरोना मरीजों के दो विशिष्ट समूहों के लिए Casirivimab और Imdevimab के कांबिनेशन से इलाज की सिफारिश करता है.


पहले ऐसे गैर-गंभीर कोरोना रोगी हैं जिन्हें अस्पताल में भर्ती होने का सबसे अधिक जोखिम है और दूसरे वे गंभीर या गंभीर कोरोना वाले हैं जो सीरो-नेगेटिव हैं, जिसका मतलब है कि ऐसे लोगों के शरीर ने कोरोना संक्रमण के प्रति एंटीबाडी प्रतिक्रिया नहीं दी है. यानि कोई एंटीबाडी नहीं बनी है. पहली सिफारिश तीन ट्रायलों के नए सबूतों पर आधारित है जिनकी अभी तक समीक्षा नहीं की गई है. ट्रायल से पता चलता है कि कासिरिविमैब और इम्देवीमैब गंभीर बीमारी के उच्चतम जोखिम वाले लोगों में अस्पताल में भर्ती होने और लक्षणों की अवधि को कम कर सकते हैं, जैसे कि बिना टीकाकरण वाले वृद्ध या इम्यूनोसप्रेस्ड कोरोना मरीज. दूसरी सिफारिश एक अन्य परीक्षण के आंकड़ों पर आधारित है जो दिखाता है कि दो एंटीबॉडी संभवतः मौतों को कम करती हैं और सीरोनेगेटिव मरीजों में यांत्रिक वेंटिलेशन की आवश्यकता होती है. इस अध्ययन से पता चला है कि कासिरिविमैब और इम्देवीमैब के साथ इलाज से गंभीर रूप से बीमार मरीजों में प्रति 1,000 में 49 कम मौतें हुईं और गंभीर रूप से बीमार मरीजों में 87 कम मौतें हुईं. पैनल ने कहा कि गंभीर कोरोना मरीजों के अलावा अन्य सभी कोरोना मरीजों को इस एंटीबाडी इलाज से कोई फायदा नहीं मिलेगा. कासिरिविमैब और इम्देवीमैब मोनोक्लोनल एंटीबाडी हैं जो जब एक साथ SARS-CoV-2 स्पाइक प्रोटीन से जुड़ते हैं तो शरीर की कोशिकाओं को संक्रमित करने की वायरस की क्षमता को निष्क्रिय कर देते हैं. स्पाइक प्रोटीन वायरस को मानव कोशिकाओं को बांधने और संक्रमित करने में मदद करता है.

खबरों से जुड़े लेटेस्ट अपडेट लगातार हासिल करने के लिए आप हमें  Facebook, Twitter, Instagram पर भी ज्वॉइन कर सकते हैं … Facebook-ABC News 24 x 7 , Twitter- Abcnews.media Instagramwww.abcnews.media

You can watch us on :  SITI-85,  DEN-157,  DIGIWAY-157


For more news you can login- www.abcnews.media