तुलसी का जीवन में है ऐसा महत्व, इस दिन तुलसी का पत्ता तोड़ना माना जाता है अशुभ

ABC News: हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे का विशेष महत्व है. यही कारण है कि तुलसी को देवी के समान मानकर उनकी पूजा की जाती है. सुबह के समय तुलसी के पौधे में पानी दिया जाता है तो शाम के समय तुलसी के सामने दीपक जलाकर सुख-समृद्धि की कामना की जाती है. घर के आंगन में तुलसी लगाने की परंपरा सदियों से चली आ रही है और इसका कारण ये है कि तुलसी को लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है. घर में तुलसी का पौधा लगाने से न सिर्फ सुख-शांति आती है बल्कि वास्तु दोष भी ठीक हो जाता है. तुलसी को भगवान विष्णु की प्रिय माना जाता है. पूजा में इस्तेमाल होने वाले प्रसाद में तुलसी की पत्तियां डालने के बाद ही उसे शुद्ध माना जाता है.

लेकिन तुलसी केवल पूजनीय ही नहीं बल्कि औषधीय गुणों से भी भरपूर होती है. सर्दी-खांसी जैसी समस्याओं में तुलसी के पत्ते से बना काढ़ा पीने से बहुत आराम मिलता है और तबीयत जल्दी ठीक हो जाती है. बहुत से लोग अपनी चाय में भी तुलसी का पत्ता डालना पसंद करते हैं. लेकिन अगर आप चाहते हैं कि आपके घर में सुख-शांति बनी रहे और पैसों से जुड़ी कोई समस्या न हो तो तुलसी के पत्तों से जुड़े कुछ नियमों का पालन करना आवश्यक है. आपको पता होना चाहिए कि तुलसी के पत्ते को किस दिन और किस समय पर नहीं तोड़ना चाहिए.

इस दिन और इस समय न तोड़े तुलसी के पत्ते
– तुलसी के पत्तों को रविवार, मंगलवार और शुक्रवार को नहीं तोड़ना चाहिए.
– इसके अलावा एकादशी के दिन, द्वादशी तिथि, अमावस्या और पूर्णिमा तिथि के दिन भी तुलसी का पत्ता नहीं तोड़ना चाहिए. मान्यता है कि ऐसा करने से घर में गरीबी आती है.
– सूर्योदय से पहले और सूर्यास्त के बाद भी तुलसी का पत्ता नहीं तोड़ना चाहिए.
– घर में जब किसी बच्चे का जन्म हुआ हो तो जब तक बच्चे का नामकरण न हो जाए तब तक तुलसी के पत्ते न तोड़ें.
अगर घर में किसी की मृत्यु हो जाए तो 13 दिन तक तुलसी का पत्ता नहीं तोड़ना चाहिए.
– इसके अलावा सूर्य ग्रहण, चंद्र ग्रहण और संक्रांति के दिन भी तुलसी का पत्ता तोड़ना मना होता है.
– बिना स्नान किए या अशुद्ध हाथों से कभी भी तुलसी का पत्ता नहीं तोड़ना चाहिए. ऐसे पत्ते भगवान की पूजा में भी स्वीकार नहीं किए जाते.
– तुलसी के पत्तों को 7 दिनों तक बासी नहीं माना जाता. पत्तियों पर दोबारा पानी छिड़कर उसे दोबारा भगवान को अर्पित किया जा सकता है.

(नोट: इस लेख में दी गई सूचनाएं सामान्य जानकारी और मान्यताओं पर आधारित हैं. ABC News इनकी पुष्टि नहीं करता है.)

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