मात्र 7 घंटे की ही उड़ान का नाम है चकेरी एयरपोर्ट, ILS के नाम पर खोखले साबित हुए मंत्रियों-माननीयों के दावे

ABC NEWS: कानपुर के चकेरी एयरपोर्ट से जब दिल्ली, मुंबई और कोलकाता के लिए विमान सेवा शुरू हुई थी तब तत्कालीन मंत्रियों ने बड़े-बड़े दावे किए थे. विमानों की संख्या को बढ़ाने के साथ ही आधुनिक आइएलएस (इंस्ट्रूमेंट लैडिंग सिस्टम) पर भी मशक्कत शुरू की गई थी. इस बात को कई वर्ष बीत चुके हैं। तब किए गए उनके दावे वक्त के साथ झूठे साबित हो गए. अब एक बार फिर मुंबई, हैदराबाद और बेंगलुरु के लिए विमान सेवा का शुभारंभ करते हुए मंत्रियों व माननीयों ने यही दावे किए हैं. चकेरी एयरपोर्ट से लखनऊ के बराबर विमान उड़ानें का सपना भी शहर को दिखाया गया है, लेकिन बिना आधुनिक आइएलएस के यह संभव नहीं होगा. ऐसे में अपने वादों से बार-बार शहर को छल रहे मंत्रियों और माननीयों के दावों को एक बार फिर आइएलएस आईना दिखाएगा.
चकेरी एयरपोर्ट से सिविल उड़ान दस बजे के बाद और शाम पांच बजे से पहले होती है. इस समय से पहले और बाद में विमान इसलिए नहीं आते क्योंकि यहां लगे आइएलएस की क्षमता कम है. हैदराबाद, मुंबई और बेंगलुरु के लिए नई उड़ानें शुरू करने के दौरान नागरिक उड्डयन मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी, औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना, सांसद सत्यदेव पचौरी और सांसद देवेंद्र सिंह भोले ने दावा किया था कि अब विमान कम नहीं होंगे बल्कि बढ़ेंगे. औद्योगिक विकास मंत्री ने यहां तक कहा कि आने वाले समय में लखनऊ से कम विमान नहीं उड़ेंगे, जबकि आइएलएस कैट-3 लगाए बिना यह किसी सूरत में संभव नहीं होगा. ऐसे में विमानों की संख्या बढ़ाने के बजाय आइएलएस कैट-3 लगाने पर ज्यादा तवज्जो दी जाए तो विमानों की संख्या खुद ब खुद बढ़ जाएगी.


लखनऊ एयरपोर्ट से 78 विमान भरते हैं उड़ान: चकेरी एयरपोर्ट से तीन नए विमानों की शुरुआत के साथ ही संख्या पांच हो गई है जबकि लखनऊ की बात करें तो यहां 24 घंटे में 68 घरेलू और दस अंतरराष्ट्रीय विमान उड़ान भरते हैं. चकेरी एयरपोर्ट से लखनऊ की तरह ही विमान उड़ाने के लिए जरूरी है कि उड़ान सेवा 24 घंटे की हो। चूंकि लखनऊ में आइएलएस कैट-3 लगा हुआ है, इसलिए वहां रात में भी उड़ान संभव है.
तो सात घंटे के लिए ही खुलता है एयरपोर्ट: चकेरी एयरपोर्ट पर सिविल उड़ान सरकारी व्यवस्था के तहत संचालित हो रही है. विशेष परिस्थितियों को छोड़कर सामान्य दिनों में एयरपोर्ट सुबह दस से शाम पांच बजे तक ही खुलता है. इसी समय को ध्यान में रखकर अधिकारी विमानों का शेड्यूल जारी करते हैं.
नई टर्मिनल बिल्डिंग का उद्देश्य हो जाएगा विफल: एयरपोर्ट अधिकारियों के मुताबिक नई टर्मिनल बिल्डिंग बनने के बाद 10 शहरों के लिए विमान सेवा शुरू हो सकेगी. इतने विमान बढ़े तो जाहिर है कि उसके लिए आइएलएस कैट-3 लगाना होगा. अन्यथा वर्तमान की तरह ही दिन में विमान आएंगे और जाएंगे. ऐसे में सौ करोड़ रुपये से बन रही नई टर्मिनल बिङ्क्षल्डग का उद्देश्य भी विफल हो जाएगा.
क्या कहते हैं माननीय: औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना ने बताया कि केंद्रीय नागरिक उड्डयन राज्यमंत्री से इस विषय पर वार्ता हुई थी. रात में विमानों की उड़ान के लिए आधुनिक आइएलएस जरूरी है. इस पर लगातार समीक्षा कर रहे हैं. जमीन अधिग्रहण संबंधी अन्य सभी जरूरी कामों की मानीटरिंग हो रही है जबकि हवाई अड्डा सलाहकार समिति के चेयरमैन व सांसद देवेंद्र सिंह भोले का कहना है कि आइएलएस को लेकर रिपोर्ट रक्षा मंत्रालय भेजी गई है. वहां से अनुमति मिलते ही इस पर काम शुरू हो जाएगा. इस विषय पर रक्षामंत्री से मैं बात करूंगा ताकि कानपुर को जल्द आधुनिक आइएलएस मिले.

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