अमित शाह के साथ भोजन कर खुश हुए जवान, बोले- वह अविश्वनीय अनुभव था

ABC NEWS: जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) में तीन दिवसीय दौरे पर गए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने सोमवार को जवानों के साथ खाना खाया. गृहमंत्री के साथ एक मेज पर भोजन कर बेहद खुश नजर आ रहे जवान इसे खास अनुभव बता रहे हैं. दौरे के तीसरे दिन शाह ने जवानों से मिलकर उनकी परेशानियां और सुविधाओं के बारे में चर्चा की. इस दौरान आयोजित हुए भोजन कार्यक्रम में अलग-अलग बलों के करीब 500 जवान मौजूद थे.

शाह के बगल में बैठकर भोजन करने वालों में कॉन्स्टेबल दीपक कुमार का नाम भी शामिल है. सात सालों से CRPF के साथ काम कर रहे कुमार ने इस दौरान आतंकी मुठभेड़ और कानून व्यवस्था से जुड़ी दूसरी चुनौतियों का सामना किया है, लेकिन सोमवार उनके लिए अलग था. बातचीत में उन्होंने कहा, ‘यह मेरे लिए अविश्वसनीय अनुभव था.’ इस दौरान लेफ्टिनेंट गवर्नर मनोज सिन्हा भी मौजूद थे. कुमार और उनके साथी बताते हैं कि यह सब संयोग से हुआ. भारतीय सेना के जवान वीरेंद्र कुमार ने कहा, ‘वो अचानक आए और हमारी टेबल पर बैठ गए.’ शाह ने भारतीय सेना, CRPF, ITBP, BSF और SSB के साथ लैथपोरा CRPF कैंप में खाना खाया था.

शाह ने भी जवानों के साथ भोजन को तीन दिवसीय दौरे का सबसे खास पल बताया था. उन्होंने कहा, ‘मैं यहां आना और आप सभी से मिलना चाहता था. आपके अनुभव, परेशानियां और देश को सुरक्षित रखने के जज्बे को समझना चाहता था. इसलिए मैं यहां आ गया.’ शाह और सिन्हा के साथ टेबल पर CRPF के दीपक कुमार, BSF के नागराज, ITBP के अनिल कापड़ी और भारतीय सेना के 50RR के वीरेंद्र कुमार मौजूद थे.

उन्होंने कहा कि यह जीवनभर का अनुभव है. कापड़ी ने कहा, ‘उन्होंने मुझसे मौजूदा तैनाती, काम के दौरान मिलने वाली सुविधाओं, घर पर परिवार के बारे में पूछा.’ भोजन कार्यक्रम में BSF, CRPF, JKP, के डीजी, IB निदेशक, केंद्रीय गृह सचिवालय, 16 कॉर्प्स के कमांडर और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ करीब 500 जवान मौजूद रहे. इस रात्रि भोज को सुरक्षाबलों का मनोबल मजबूत करने और आतंकी समूहों को संदेश देने के तौर पर भी देखा गया. CRPF के 40 जवानों की शहादत वाले पुलवामा आतंकी हमले से कुछ दूरी पर ही लैथपोरा CRPF कैंप है. शाह के लैथपोरा पहुंचने से कुछ मिनटों पहले ही स्थानीय मीडिया ने काकापोरा में धमाके की खबर दी थी, लेकिन बाद में कश्मीर पुलिस ने इससे इनकार किया था.

कैंप पहुंचने के बाद शाह ने अर्धसैनिक बलों को अनुच्छेद 370 हटने के बाद शांति सुनिश्चित करने पर तारीफ की. उन्होंने कहा, ‘जब अनुच्छेद 370 और 35ए हटाए गए थे, तब संभावित प्रतिक्रियाओं को लेकर बहुत अटकलें लगाई जा रही थीं. उस दौरान खून बहने की भी आशंकाएं थीं, लेकिन यह अर्धसैनिक बलों की सतर्ककता और भूमिका ही थी, जिसके चलते एक भी गोली नहीं चली.’ शाह ने लैथपोरा कैंप में ही रात गुजारी. मंगलवार सुबह दिल्ली रवाना होने से पहले उन्होंने शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि दी.

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