कानपुर मेट्रो की सौगात मिलने में अभी 6 माह का इंतज़ार, ये किये जायेंगे बदलाव

ABC NEWS: बमुश्किल छह माह का और इंतजार, फिर कानपुर के लोगों को मेट्रो की यात्रा करने का मौका मिल जाएगा. मेट्रो के प्राथमिक रूट पर आइआइटी से लेकर मोतीझील तक नौ स्टेशन हैं और इन स्टेशनों पर आने जाने में यात्रियों को किसी तरह की कोई मुश्किल ना हो, इसलिए 33 लिफ्ट और 28 स्वचालित सीढ़ियां बनाई जा रही हैं. इनका काम नवंबर तक पूरा कर लिया जाएगा. इसके अलावा सामान्य सीढ़ियां भी हर स्टेशन पर होंगी ताकि जो स्वचालित सीढ़यिों या लिफ्ट से चलने में खुद को असहज महसूस करते हों, वे उनसे जा सकें.

कानपुर में मेट्रो के प्राथमिक कारीडोर में स्टेशनों का सिविल कार्य पूरा होने की ओर है. कई स्टेशनों पर टेक्निकल रूम भी बनने लगे हैं.स्टेशनों पर मेट्रो के यात्रियों को आने जाने में कोई तकलीफ ना हो, इसके लिए नौ स्टेशन में 33 लिफ्ट और 28 एस्क्लेटर बनाए जा रहे हैं. इसमें भी इस बात का ध्यान रखा जा रहा है कि जो लिफ्ट हों वे दो हिस्से में हों. इसमें एक हिस्सा जमीन से कानकार्स तक होगा और दूसरा हिस्सा कानकार्स से प्लेटफार्म तक होगा. ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि कोई भी सीधे प्लेटफार्म पर ना पहुंच सके. सबसे पहले लोग कानकार्स तक पहुंचें, वहां टिकट लेने के बाद अंदर वाले हिस्से में जाएं और वहीं से दूसरी लिफ्ट से दूसरे फ्लोर पर पहुंचें जहां मेट्रो की यात्रा करने के लिए प्लेटफार्म बनाए जा रहे हैं.

इससे यह तय हो जाएगा कि जो भी व्यक्ति मेट्रो तक पहुंचेगा, उसके पास टिकट होगा और वह टिकट विंडो को बाईपास कर सीधे प्लेटफार्म पर नहीं पहुंचेगा. यही स्थिति एस्क्लेटर की भी है। इन्हेंं भी जमीन से कानकार्स तक बनाया गया है. कानकार्स पर टिकट लेने के बाद दूसरी स्वचालित सीढ़ी से यात्री प्लेटफार्म तक पहुंचेंगे. नौ में से छह स्टेशनों पर चार-चार लिफ्ट होंगी. तीन पर तीन-तीन लिफ्ट रहेंगी। दूसरी ओर सबसे ज्यादा चार-चार स्वचालित सीढ़यिां आइआइटी और मोतीझील स्टेशन पर होंगी. गीतानगर में इनकी संख्या दो रहेगी. बाकी में यह तीन-तीन होंगी.

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