कानपुर के पारस हत्याकांड में सपा ने मोर्चा खोला,प्रतिनिधिमंडल पहुंचा घर, बोले- पुलिस है मौत की जिम्मेदार

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ABC NEWS: कानपुर के कारोबारी पारस गुप्ता हत्याकांड में समाजवादी पार्टी ने मोर्चा खोल दिया है. पीड़ित परिवार को इंसाफ दिलाने को लेकर शुक्रवार को सपा का प्रतिनिधिमंडल उनके घर पहुंचा है. वहीं, व्यापारी की मौत के मामले में अब एसआइटी (विशेष जांच टीम) गठित कर दी है. जांच टीम में एक निरीक्षक और दो दारोगा को शामिल किया गया है.

विधानसभा में उठाएंगे मामला: हरबंस मोहाल थाना क्षेत्र के व्यापारी पारस गुप्ता के स्वजनों मिलने पहुंचे समाजवादी पार्टी प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई कर रहे सपा विधायक मनोज पांडे है हत्या के लिए पुलिस को दोषी ठहराया होता कि कुछ पुलिस वालों पर कार्रवाई करने से इंसाफ नहीं मिला.  इस में अधिकारियों की भी लापरवाही है. इस मामले को समाजवादी पार्टी विधानसभा में पूरी ताकत से उठाएगी.

समाजवादी पार्टी का 7 सदस्य प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार की दोपहर हरबंस मोहाल थाना क्षेत्र के भूसा टोली में मृत व्यापारी पारस गुप्ता के घर पहुंचा. पारस गुप्ता के दोनों बच्चों और पत्नी मनीषा गुप्ता से मुलाकात करने के बाद विधानसभा में सपा सचेतक मनोज पांडे ने कहा पूरे मामले में जिस तरह का घटनाक्रम परिवार के सदस्यों ने बताया है उससे पुलिस की घोर लापरवाही सामने आ रही है. पुलिस ने जानबूझकर लापरवाही की जिसकी वजह से पारस गुप्ता की जान गई और उसके बाद भी दोषियों पर कार्रवाई करने में पुलिस की ओर से आनाकानी की जा रही है उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने परिवार की मदद करने का भरोसा दिलाया है उनका संदेश लेकर हम लोग यहां पहुंचे हैं.

पीड़ित परिवार को इंसाफ दिलाने के लिए समाजवादी पार्टी हर कदम पर परिवार के साथ है. सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन करेंगे. यह मामला विधानसभा में भी उठाएंगे. उन्होंने कहा कि इस मामले में थाने के पुलिसकर्मियों के अलावा क्षेत्र के जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों पर भी कार्रवाई की जानी चाहिए.

कारोबारी पारस गुप्ता हत्याकांड में गुरुवार को उत्तर प्रदेश प्रांतीय व्यापार मंडल और न्याय संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने पुलिस उपायुक्त पूर्वी प्रमोद कुमार से मुलाकात की. बताया कि अभी तक अभियुक्तों की गिरफ्तारी तक नहीं हुई है. इस पर डीसीपी ने पूछा कि वे किस तरह की जांच चाहते हैं. पदाधिकारियों ने एसआइटी की मांग की। उनकी मांग पर डीसीपी पूर्वी ने तुरंत एक निरीक्षक और दो दारोगा की नियुक्ति कर एसआइटी गठित कर दी.

न्याय संघर्ष समिति के पवन गुप्ता ने कहा कि पारस ने हत्या से सात दिन पहले 18 मई को मारपीट और हत्या की धमकी की शिकायत की थी. उस पर कार्रवाई हुई होती तो वह जीवित होते. डीसीपी ने बताया कि 18 मई की शिकायत की जांच की जा रही है. पारस गुप्ता के परिवार से पंकज, आशीष, कृष्ण गोपाल, मनीष, हिमांशु, अमित, रिंकल के अलावा अभिमन्यु गुप्ता, कृपेश त्रिपाठी मौजूद रहे.

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