गांव की धरती को नमन कर भावुक हुए राष्ट्रपति कोविंद, कुछ यूं कही मन की बात

ABC News: चार साल के लंबे इंतजार के बाद रविवार की सुबह राष्ट्रपति पैतृक गांव परौंख पहुंच तो ग्रामीणों की खुशी दोगुनी हो गई. परौंख की धरती पर कदम रखते ही राष्ट्रपति ने उसे नमन किया. फिर गांव में पथरी देवी मंदिर में पूजन के बाद राष्ट्रपति ने गांव वासियों से मिलकर संबोधन में अपना प्यार और यादें बयां कीं.

गांव में अभिनंदन समारोह को संबोधित करते हुए भावुक हो गए. मंच से ही अपने दिल की बात कही. राष्ट्रपति ने कहा कि मैंने सपने में भी कभी कल्पना नहीं की थी कि गांव के मेरे जैसे एक सामान्य बालक को देश के सर्वोच्च पद के दायित्व-निर्वहन का सौभाग्य मिलेगा. लेकिन हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था ने यह कर के दिखा दिया. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि मेरे आगमन पर आप जितने खुश हैं उससे ज्यादा कहीं खुशी मुझे है. गांव आकर उन्हें बहुत ही अच्छा महसूस हुआ.

लोगों ने पुष्प वर्षा कर स्‍वागत किया, यह देखकर मैं आहलादित हूं. हेलीकाप्टर से उतरने के बाद मैंने सबसे पहले अपनी जन्मभूमि को चरण स्पर्श किया. इस बार काफी विलंब से गांव आना हुआ. कामना करता हूं कि आगे से ऐसा न हो. राष्ट्रपति ने कहा कि बाबा साहब भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने का सौभाग्य भी मुझे मिला. उन्होंने कहा कि मैं कहीं भी रहूं, मेरे गांव की मिट्टी की खुशबू और मेरे गांव के लोगों की यादें सदैव मेरे दिल में रहती है. मेरे लिए परौंख केवल एक गांव नहीं है, यह मेरी मातृभूमि है, जहां से मुझे, आगे बढ़कर, देश-सेवा की हमेशा प्रेरणा मिलती रही. राष्ट्रपति ने कहा कि भारतीय संस्कृति में ‘मातृ देवो भव’, ‘पितृ देवो भव’, ‘आचार्य देवो भव’ की शिक्षा दी जाती है. हमारे घर में भी यही सीख दी जाती थी. माता-पिता और गुरु तथा बड़ों का सम्मान करना हमारी ग्रामीण संस्कृति में अधिक स्पष्ट रूप से दिखाई पड़ता है.

उन्होंने कहा कि आज इस अवसर पर देश के स्वतंत्रता सेनानियों व संविधान-निर्माताओं के अमूल्य बलिदान व योगदान के लिए मैं उन्हें नमन करता हूं. सचमुच में, आज मैं जहां तक पहुंचा हूं उसका श्रेय इस गांव की मिट्टी और इस क्षेत्र तथा आप सब लोगों के स्नेह व आशीर्वाद को जाता है. मुख्यमंत्री याेगी आदित्यनाथ ने वादा किया है कि जल्‍द ही यहां पर बाबा साहब की भव्य संगमरमर की प्रतिमा बनवाई जाएगी. इसके बाद मैं अपने पुश्तैनी मकान गया, जिसे मिलन केंद्र के रूप में परिवर्तित कर दिया गया है. मुझे संतोष है कि केंद्र सरकार बेहतर तरीके से काम कर रही है. मुख्यमंत्री जी ने सुझाव दिया है कि यहां पर महिला उत्थान से संबंधित कार्यक्रम आयोजित किए जाएं.

अभिनंदन समारोह में पहुंचने से पहले राष्ट्रपति कोविंद ने परिवार के साथ परौंख स्थित कुल देवी पथरी देवी के दर्शन किए. मंदिर के पुजारी केके वाजपेयी ने बताया कि राष्ट्रपति ने 11 हजार रुपए दान के रूप में दिया. इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भी रहीं. राष्ट्रपति जिस स्कूल में पढ़े थे वहां भी पहुंचे. अब ये मॉडल प्राइमरी स्कूल हो गया है. उस जमाने में यह प्राइमरी स्कूल पेड़ के नीचे और बहुत ही जीर्ण शीर्ण हालात में था. अब इसे मॉडल प्राइमरी स्कूल बना दिया गया है. इसके अलावा राष्ट्रपति के पैतृक गांव परौंख में एक भी इंटर कॉलेज नहीं था. इसके चलते गांव के अधिकांश बच्चे 8वीं के बाद पढ़ाई छोड़ देते थे. गांव के बच्चों को अच्छी शिक्षा देने के लिए साल 2000 में राष्ट्रपति ने इंटर कॉलेज की नींव रखी थी. इसमें परौंख के साथ ही आस-पास के 500 से ज्यादा छात्र-छात्राएं मौजूदा समय में पढ़ाई करते हैं. यहां भी पहुंचकर राष्ट्रपति ने जायजा लिया.

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