यूपी में शुरू हुई फूलन देवी की मूर्ति पर सियासत, उन्नाव व मेरठ प्रतिमा अनावरण के प्रयास

ABC NEWS: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में 2022 के चुनावी समर में अब पिछड़ों को साधने का राजनीतिक खेल चरम पर है. पश्चिम उत्तर प्रदेश की राजनीति में फूलन देवी (Phoolan Devi) की एंट्री हुई है. बिहार से ताल्लुक रखने वाली विकासशील इंसान पार्टी यानी वीआईपी (VIP) पार्टी के कार्यकर्ताओं ने मेरठ (Meerut) के हस्तिनापुर में फूलन देवी की मूर्ति स्थापित करने की कोशिश की. हालांकि समय से पुलिस को इसकी सूचना मिल गई, जिसके बाद पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और मूर्ति स्थापना को रुकवा दिया. पुलिस की मानें तो बिना परमिशन मूर्ति स्थापित की जा रही थी, जिसे रुकवा दिया गया है.

इसी तरह उन्नाव केबांगरमऊ कोतवाली क्षेत्र के बदली पुरावा गांव में एक मूर्ति अनावरण की सूचना मिलते ही पुलिस-प्रशासन के हाथ पांव फूल गए और आनन फानन फोर्स तैनात कर दी गई. दरअसल, यहां एक विद्यालय में यमुना बीहड़ में दस्यु सुंदरी रही फूलन देवी की प्रतिमा का अनावरण का कार्यक्रम प्रस्तावित था, जिसकी सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आ गया और फोर्स तैनात करके कार्यक्रम रुकवा दिया. एसडीएम ने प्रतिमा कब्जे में लेकर पुलिस की निगरानी में रखवा दी है.

बिहार के कैबिनटे मंत्री को आना था

बांगरमऊ कोतवाली क्षेत्र के गांव बदली पुरवा स्थित एक विद्यालय परिसर में शहादत दिवस के अवसर पर फूलन देवी की प्रतिमा लगाए जाने का कार्यक्रम शनिवार को प्रस्तावित था और सभी व्यवस्थाएं कर ली गईं थीं. कार्यक्रम में बिहार सरकार के कैबिनेट मंत्री व विकासशील इंसान पार्टी (वीआइपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुकेश साहनी को मूर्ति का अनावरण करना था. इससे पहले ही कार्यक्रम की भनक प्रशासन को लगी तो अफसर हरकत में आ गए. एसडीएम दिनेश कुमार व सीओ आशुतोष पुलिस बल के साथ गांव पहुंचे और फूलन देवी की प्रतिमा को कब्जे में ले लिया। प्रतिमा स्थल पर बने चबूतरे को भी तुड़वा दिया. इस कार्रवाई से कुछ ग्रामीण भड़क गए और माहौल तनावपूर्ण होने के कारण गांव में पुलिस फोर्स तैनात कर दिया है. एसडीएम ने गांव में पीएसी भेजने की बात कही है. शनिवार आधी रात तक गांव में पुलिस की चहलकदमी बनी हुई है.

वीआईपी पार्टी के कार्यकर्ताओं की मानें तो हस्तिनापुर कस्बे में नगर पंचायत क्षेत्र लगता है. जिसके लिए नगर पंचायत अध्यक्ष को सूचना दी गई थी. साथ ही स्थानीय बीजेपी विधायक को भी सूचित किया गया था. उनकी मानें तो आने वाले समय में बीजेपी विधायक ही इस मूर्ति का अनावरण करते, लेकिन उसके पहले ही पुलिस ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया और मूर्ति स्थापना रुकवा दी.

बनारस में भी मूर्ति लगाने की कोशिश

इसके पहले बनारस में भी वीआईपी पार्टी द्वारा ही फूलन देवी की मूर्ति स्थापित करने की कोशिश की गई थी. जहां पुलिस ने कार्यकर्ताओं को खदेड़ दिया. जिसके बाद अब उन्होंने मेरठ में एक बार फिर फूलन देवी की मूर्ति को पिछड़ों का भगवान बना कर स्थापित करने का प्रयास किया. लेकिन यहां भी उनके मंसूबों पर पुलिस ने पानी फेर दिया. आपको बता दें कि फूलन देवी चम्बल की दुनिया से अलग होने के बाद समाजवादी पार्टी से सांसद रही हैं.

कौन थी दस्यु सुंदरी फूलन

यमुना बीहड़ में डकैतों के गिरोह की सरदार रही फूलन ने कानपुर देहात के बेहमई गांव में 26 लोगों को एक लाइन में खड़ा करके गोली मारी थी, जिनमें 20 की मौत हो गई थी. इस नरसंहार में महज चार दिन पहले ब्याह कर आई 16 साल की मुन्नी के पति लाल सिंह भी मारे गए थे. बेहमई कांड के मुकदमे में ग्रामीणों को कोर्ट के फैसले का आज भी इंतजार है। तत्कालीन समाजवादी पार्टी की सरकार में जेल से बाहर आने के बाद फूलन ने राजनीति में कदम रखा था. दो साल बाद सपा की टिकट से मिर्जापुर से लोकसभा का चुनाव जीतकर फूलन ने संसद में कदम रखा था। वर्ष 2001 में फूलन की दिल्ली में हत्या कर दी गई थी.

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