शायर मुन्नवर राना ने किया तालिबान का समर्थन, बिगड़े बोले तो कह गए यह बात

ABC News: भारतीय जनता पार्टी की सरकार के फैसलों के खिलाफ लगातार बयानबाजी करने वाले शायर मुनव्वर राना के बोल एक बार बिगड़ गए हैं. राना ने तालिबानियों के लगातार अफगानिस्तान क्रूरता करने को बेहद विवादित बयान दिया है. उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान में तालिबानी जैसा कर रहे हैं, उससे अधिक क्रूरता तो भारत में होती है, हम तो दंगे करवाने में विश्वगुरु हैं.

उत्तर प्रदेश में भी ताबिलानियों के प्रशंसकों की संख्या में बढ़ोतरी होती जा रही है. समाजवादी पार्टी के सांसद डॉ. शफीकुर्रहामान बर्क, आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के प्रवक्ता और पूर्व मंत्री मौसाना मसूद मदनी के बाद अब मशहूर शायर मुनव्वर राना ने भी तालिबानी आतंकियों का समर्थन किया है. शायर मुनव्वर राना इतने पर ही नहीं रुके, उन्होंने कहा कि संभल के सांसद डॉ. शफीकुर्रहमान की भी बचाव किया. राना ने कहा कि डॉ. बर्क ने तालिबान के पक्ष में बयान दिया. शायर राना का साफ मानना है कि वहां पर तालिबानी बुरे लोग नहीं हैं. वह तो हालात की वजह से वह ऐसे हो गए हैं. उन पर भरोसा किया जा सकता है. उन्होंने हम दंगे करवाने में विश्वगुरु हैं तो हम थोड़े से कठमुल्लों से क्यों डरें. उनके खिलाफ दर्ज किया गया मुकदमा गलत है. राना ने कहा कि उनका मानना है कि तालिबान ने सत्ता पर काबिज होकर कोई गलत काम नहीं किया है. अफगानिस्तान पर नियंत्रण करके तालिबान ने वास्तव में अपने देश को आजाद कराया है. राना ने कहा कि यदि आप इतिहास को देखें, तो अफगानों ने कभी भी भारत के लिए कुछ भी बुरा नहीं किया है. भारत को तालिबान से डरना नहीं चाहिए. उस देश में बहुत कुछ ठीक नहीं हो रहा था, लेकिन एक भी घटना नहीं थी जहां किसी भी भारतीय को किसी तालिबान या अफगान ने नुकसान पहुंचाया. मुनव्वर राना ने कहा कि हिंदुस्तान को तो अब भी अफगानिस्तान से नहीं बल्कि पाकिस्तान से डरने की जरूरत है. तालिबानियों का कश्मीर से कोई लेना-देना नहीं है. उन्होंने तालिबानी आतंकियों की तुलना महर्षि वाल्मीकि तक से कर डाली. उन्होंने कहा कि वाल्मीकि जी पहले क्या थे और बाद में क्या हो गए. तालिबानी भी पहले से बदल चुके हैं. अब पहले जैसा माहौल नहीं है. शायर राना ने बामियान में तालिबानियों के बुद्ध की मूॢतयों को नष्ट करने पर कहा कि भारत में तो राम मंदिर बनाने के लिए मस्जिद तोड़ दिया, आप उसे क्या कहिएगा. क्या यह पवित्र कार्य था. मुनव्वर राना ने अफगानिस्तान पर करीब 20 वर्ष तक कब्जा करने पर अमेरिका की खिंचाई की और कहा कि केवल अफगान जानते हैं कि उन्होंने पिछले 20 वर्ष कैसे बिताए. वहां पर अमेरिकियों, एक इंसान को मारना एक चींटी को मारने जैसा है और उन्हेंं किसी की भी परवाह नहीं है. अफगानिस्तान में तालिबानियों के महिलाओं पर जुल्म पर पर्दा डालते हुए मुनव्वर राना ने कहा कि सऊदी अरब में भी इसी तरह के हालात हैं. इस मुद्दे पर पूरे युग की बात होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि तालिबानी कोई पागल नहीं हैं.

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