अयोध्या फैसले के खिलाफ पर्सनल लॉ बोर्ड 6 को दायर करेगा रिव्यू पेटिशन

  • हाजी महबूब ने दी जानकारी
  • राजीव धवन होंगे वकील
  • तीन लोग होंगे इसके पक्षकार

ABC NEWS: बाबरी विध्वंस की 28वीं बरसी के दिन आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड राम मंदिर निर्माण के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट  में रिव्यू पिटीशन दाखिल करेगा. यह जानकारी बाबरी मस्जिद के पक्षकार हाजी महबूब  ने दी. हाजी महबूब ने कहा कि 6 दिसंबर को मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड सुप्रीम कोर्ट में फैसले के खिलाफ रिव्यू पिटीशन दाखिल करेगा. रिव्यू पिटीशन राजीव धवन दाखिल करेंगे. उनके साथ जफरयाब जिलानी भी मौजूद रहेंगे. रिव्यू पिटीशन पर सभी पक्षकारों हाजी महबूब, मो उमर, मौलाना मह्फुज़ुर्र रहमान टांडा और बादशाह खान के हस्ताक्षर होंगे.

बता दें  मुस्लिम पक्षकारों की तरफ से दाखिल होने वाले इस रिव्यू पिटीशन को एआईएमपीएलबी कानूनी मदद प्रदान करेगा और मुक़दमे की पैरवी वरिष्ठ वकील राजीव धवन करेंगे. एक अन्य रिव्यू पिटीशन जमीयत उलेमा-ए-हिन्द की तरफ से दाखिल की जाएगी. हालांकि इस बार जमीयत ने केस की पैरवी से राजीव धवन को अलग कर दिया है. इससे पहले 2 दिसम्बर को भी एक रिव्यू पिटीशन दाखिल की गई थी. मौलाना सैयद अशद राशिदी ने एम सिद्दीक की तरफ से 217 पेज की याचिका दाखिल की है. इसमें सुप्रीम कोर्ट से 9 नवंबर 2019 को दिए गए फैसले पर पुनर्विचार की मांग की गई है.

उधर इस विवाद में सबसे बड़े पक्षकार सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने पुनर्विचार याचिका दाखिल न करने का फैसला लिया है. 26 नवंबर को लखनऊ में हुई बैठक में बहुमत से इस निर्णय पर मुहर लगा दी जा चुकी है. हालांकि बैठक में पांच एकड़ जमीन पर अभी कोई निर्णय नहीं लिया जा सका है. इस पर राय बनाने के लिए सदस्यों ने और वक्त मांगा है. इसके अलावा एक अन्य पक्षकार इकबाल अंसारी ने भी फैसले के खिलाफ किसी भी तरह की याचिका दाखिल करने से साफ मना किया है.

इकबाल अंसारी ने रिव्यू पिटीशन का किया विरोध: उधर बाबरी मस्जिद एक एक और पक्षकार इकबाल अंसारी ने मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के रिव्यू पिटीशन का विरोध किया है. इकबाल अंसारी ने कहा कि वे रिव्यू पिटीशन में शामिल नहीं होंगे. इकबाल अंसारी का ने कहा, “हम चाहते हैं राम जन्मभूमि और बाबरी मस्जिद मसला खत्म हो. इस मसले को आगे नहीं बढ़ाया जाए. अपने फायदे के लिए लोग हिन्दू-मुस्लिम को नफरत की आग में झोंकना चाहते हैं. मंदिर-मस्जिद की राजनीति बंद होनी चाहिए. इस मुद्दे को खत्म कर रोजगार और विकास की मांग होनी चाहिए. “


नेहा तिवारी                                                           यह भी पढ़ें…..

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