पंत की गलतियां: टीम इंडिया ने गंवाया अचूक हथियार, गूंजा धोनी-धोनी, रोहित ये बोले

Spread the love

ABC News: डीआरएस किसी टीम के लिए अहम हथियार होता है, यदि यह आपके पक्ष में गया तो आप दोबारा इसका इस्तेमाल कर सकते हैं. नहीं तो नतीजा उलट जाने के साथ ही आप इसे दोबारा लेने का मौका भी गंवा देते हैं. कुछ ऐसा ही हाल भारत और बांग्लादेश के बीच हुए टी-20 मैच में देखा गया.

रविवार को बांग्लादेश के खिलाफ टी-20 मैच में भारतीय टीम डीआरएस के मोर्चे पर फेल रही. हुआ यूं कि भारत के लिए सिरदर्द बने मुश्फिकुर रहीम 10वें ओवर की दूसरी गेंद पर एलबीडब्ल्यू आउट थे. लेकिन भारत ने रिव्यू नहीं लिया. विकेटकीपर ऋषभ पंत ने इस पर खास ध्‍यान नहीं दिया. टीवी रिप्‍ले में सामने आया कि गेंद स्‍टंप्‍स पर जाकर लग रही थी. इतना ही नहीं 10वें ओवर की आखिरी गेंद पर ऋषभ पंत की सलाह पर भारत ने उस गेंद पर डीआरएस ले लिया जिस पर बल्लेबाज आउट ही नहीं था.

स्टेडियम में गूंजा धोनी-धोनी
इस तरह डीआरएस के मामले में ऋषभ पंत की नाकामी के बाद फैंस को महेंद्र सिंह धोनी की याद आ गई. अरुण जेटली स्टेडियम में धोनी-धोनी के नारे लगने लगे. आपको बता दें कि डीआरएस लेने के मामले में धोनी टीम इंडिया के सबसे बड़े हथियार माने जाते हैं. कुछ क्रिकेट विशेषज्ञों ने तो डीआरएस का नाम डिसीजन रिव्यू सिस्टम की जगह ‘धोनी रिव्यू सिस्टम’ तक रख दिया.

धोनी डीआरएस लेने के एक्सपर्ट हैं, हुआ यूं कि मुश्फिकुर रहीम को आउट करने के लिए रोहित शर्मा ने युजवेंद्र चहल को उतारा. युजवेंद्र चहल के 10वें ओवर की दूसरी गेंद पर मुश्फिकुर एलबीडब्ल्यू आउट थे, लेकिन अंपायर ने इसे नॉट आउट दिया. रोहित शर्मा ने भी डीआरएस नहीं लिया. बाद में रिप्ले से साफ हुआ कि गेंद स्‍टंप्‍स पर जाकर लग रही थी. इसके अलावा 10वें ओवर की आखिरी गेंद पर ऋषभ पंत की सलाह पर रोहित शर्मा ने उस गेंद पर डीआरएस ले लिया जिस पर बल्लेबाज आउट ही नहीं था.
दर्शकों ने भी ‘धोनी-धोनी’ की गूंज से पंत को गलती का अहसास कराया.

रोहित ने किया पंत का बचाव
रोहित ने बाद में स्वीकार किया कि इस तरह के ‘रिव्यू’ में कप्तान पूरी तरह से गेंदबाज और विकेटकीपर पर निर्भर होता है, लेकिन उन्होंने भरोसा जताया कि पंत अभी युवा (22 साल) है और वह समय के साथ बेहतर फैसले करना सीख जाएगा. रोहित ने कहा, ‘जब आप फैसला करने की सही स्थिति में नहीं होते हैं तो आपको फैसला लेने के लिए अपने गेंदबाज और विकेटकीपर पर भरोसा करना होता है. ऋषभ अभी युवा है और उसने बमुश्किल 10 से 12 टी-20 (असल में 21) मैच खेले हैं, इसलिए उसे इस तरह की चीजों को समझने के लिए समय देने की जरूरत है.’ रोहित ने कहा, ‘वह इस तरह के फैसला कर सकता है या नहीं इस पर अभी निर्णय करना जल्दबाजी होगी. उसे ऐसे फैसले करने के लिए हमें समय देना होगा. यही बात गेंदबाज पर भी लागू होती है. जब कप्तान फैसला करने के लिए सही स्थिति में नहीं होता है तो गेंदबाज और विकेटकीपर मिलकर फैसला करते हैं.’ रोहित ने कहा कि वह इस तरह के फैसला कर सकता है या नहीं इस पर अभी निर्णय करना जल्दबाजी होगी. उसे ऐसे फैसले करने के लिए हमें समय देना होगा. यही बात गेंदबाज पर भी लागू होती है. जब कप्तान फैसला करने के लिए सही स्थिति में नहीं होता है तो गेंदबाज और विकेटकीपर मिलकर फैसला करते हैं. रोहित ने कहा कि हमने रिव्यू लेने में गलती की. उसने (रहीम) पहली गेंद बैकफुट पर खेली और हमें लगा कि वह लेग साइड की तरफ जा रही है. अगली गेंद फ्रंट फुट पर थी, लेकिन हम यह भूल गए कि वह कितनी शॉर्ट थी.


यह भी पढ़ें…

चहल टीवी पर छाए श्रेयस और शिवम दुबे, पैसों के लिए ठोके लगातार 5 छक्के, किया खुलासा

हिट मैन कल रच सकते हैं इतिहास, टी-20 क्रिकेट की बादशाहत से महज 8 रन दूर

भारत-बांग्लादेश टी-20 श्रंखला का पहला मुकाबला, विराट के बगैर उतरेगी टीम इंडिया


Leave a Comment

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

*

खबरों से जुड़े लेटेस्ट अपडेट लगातार हासिल करने के लिए आप हमें FacebookTwitter, Instagram पर भी ज्वॉइन कर सकते हैं … Facebook-  ABC News 24 x 7 , Twitter- Abcnews.media , Instagramwww.abcnews.media

You can watch us on :  SITI-85,  DEN-157,  DIGIWAY-157


For more news you can login-  www.abcnews.media