Omicron: विदेश से मेरठ लौटे कई यात्रियों के मोबाइल नंबर गलत, ट्रेस करना मुश्किल

ABC NEWS: भारत में ओमिक्रॉन की दस्तक के बाद यूपी में हाईअलर्ट है. मेरठ का स्वास्थ्य महकमा भी इस नई आफत को लेकर चौकन्ना है. यहां विदेश यात्रा करने वाले हर शख्स की टेस्टिंग की जा रही है. 15 दिनों में मेरठ पहुंचे तकरीबन 325 लोगों की टेस्टिंग स्वास्थ्य विभाग कर रहा है. लेकिन इस बीच हेल्थ डिपार्टमेंट के सामने एक बड़ी समस्या ये आ गई है कि विदेश यात्रा कर मेरठ लौटे कई लोगों के मोबाइल नंबर में गलत पाए गए, जिससे उन्हें ट्रेस करना मुश्किल हो रहा है. सीएमओ डॉक्टर अखिलेश मोहन ने बताया कि विदेश यात्रा से लौटे कई लोगों के मोबाइल नंबर गलत हैं. अब टीम को इनके घर जाना पड़ रहा है. ताकि इनकी पहचान और टेस्टिंग हो सके. अगर ये घर भी नहीं मिलते हैं, तो एलआईयू को सूचना दी जा रही है.

सीएमओ ने बताया कि विदेश यात्रा कर मेरठ लौटे सभी 325 लोगों की टेस्टिंग कराई जा रह है. इन 325 यात्रियों में साउथ अफ्रीका से लौटे 7 यात्री भी शामिल हैं. उन्होंने बताया कि जांच के दौरान अगर कोई यात्री कोरोना पॉजिटिव पाया जाता है तो उसकी जीनोम सिक्वेंसिंग कराई जाएगी. आस्ट्रेलिया, बहरीन, बांग्लादेश, कनाडा, जर्मनी, जापान, कुवैत, मलेशिया, मालदीव, मॉरिशस, नेपाल नीदरलैंड, न्यूजीलैंड, पोलैंड. कतर, रूस, सउदी अरब, सिंगापुर, साउथ अफ्रीका, श्रीलंका, यूएएई, यूके और यूएसए से यात्री मेरठ पहुंचे हैं.

ओमिक्रॉन की दस्तक के मद्देनजर अस्पतालों में तैयारियां और पुख्ता की जा रही हैं. सीएमओ ने बताया कि ऑक्सीजन जेनरेटर प्लांट अलग-अलग सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में चालू अवस्था में हैं. साथ ही जिले में 3000 से ज्यादा लोगों को ऑक्सीजन युक्त बेड उपलब्ध कराने की सुविधा है. न्यूज18 की टीम ने मेरठ के प्यारेलाल शर्मा जिला चिकित्सालय और एक अन्य अस्पताल का जायजा लिया तो हमें ऑक्सीजन जेनरेटर प्लांट चालू अवस्था में मिले.

मंडलीय सर्विलांस अधिकारी डॉक्टर अशोक तालियान ने बताया कि विदेश से लौटे इन सभी यात्रियों की 8 दिन तक लगातार निगरानी की जाएगी. मंडलीय सर्विलांस अधिकारी ने बताया कि ओमिक्रॉन को लेकर मेरठ मेडिकल कॉलेज और एक प्राइवेट अस्पताल में अलग वॉर्ड भी बना दिए गए हैं. साथ ही अलग-अलग अस्पतालों में इंतजामों की बात करते हुए उन्होंने बताया कि ऑक्सीजन कंस्ट्रेटर ऑक्सीजन प्लांट्स तैयार हैं. मंडलीय सर्विलांस अधिकारी डॉ. अशोक तालियान ने बताया कि सभी 36 प्रभारी चिकित्साधिकारियों के साथ मीटिंग की गई है. निगरानी समितियों को अलर्ट कर दिया गया है. अगर कोई लक्षणयुक्त मरीज मिलता है तो उसकी विशेष जांच होगी. बड़ी संख्या में वीटीएम किट मंगाई गई है. मेडिकल कॉलेज की माइक्रोबायोलोजी लैब जीनोम सिक्वेंसिंग की जांच के लिए सैंपल एनआइवी पुणे या पीजीआइ लखनऊ भेजेगी.

वहीं सीएमओ डॉ. अखिलेश मोहन ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग नए कोरोना वैरिएंट को देखते हुए भीड़भाड़ वाले स्थानों पर फोकस्ड सैंपलिंग करेगा. अस्पतालों में हेल्थकेयर वर्करों और हास्टल में रहने वाले छात्रों की भी जांच होगी. वहीं, संस्थानों, रेलवे स्टेशन और बस अड्डों पर भी सैंपलिंग की जाएगी.

खबरों से जुड़े लेटेस्ट अपडेट लगातार हासिल करने के लिए आप हमें  Facebook, Twitter, Instagram पर भी ज्वॉइन कर सकते हैं … Facebook-ABC News 24 x 7 , Twitter- Abcnews.media Instagramwww.abcnews.media

You can watch us on :  SITI-85,  DEN-157,  DIGIWAY-157


For more news you can login- www.abcnews.media