कोरोना के खिलाफ नई वैक्सीन विकसित, कोविड-19 व कई वैरिएंट पर प्रभावी होने का दावा

ABC News: कोरोना वायरस (कोविड-19) से मुकाबले में अमेरिकी शोधकर्ताओं ने एक नई वैक्सीन विकसित की है. यह कोविड-19 के साथ ही इस वायरस के कई वैरिएंट को भी रोक सकती है. नई वैक्सीन मूल वायरस सार्स-कोव-1 व सार्स-कोव-2 के साथ ब्रिटिश, दक्षिण अफ्रीकी और ब्राजील वैरिएंट के अलावा चमगादड़ संबंधी उन कोरोना वायरसों के खिलाफ भी असरदार पाई गई है, जिनसे अगली महामारी का खतरा पैदा हो सकता है.

पैन-कोरोनावायरस नामक नई वैक्सीन बंदरों और चूहों पर प्रभावी पाई गई है. यह वैक्सीन एक नैनोपार्टिकल के जरिये एंटीबॉडी को प्रेरित करती है. अमेरिका की ड्यूक यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने कहा कि बंदरों में सफल पाई गई यह वैक्सीन इंसानों के लिए काफी फायदेमंद हो सकती है. यह नैनोपार्टिकल कोरोना के उस हिस्से से बना है, जिसके जरिये यह वायरस शरीर के सेल रिसेप्टर से जुड़ जाता है. इस नैनोपार्टिकल को एक मॉलीक्यूल से जोड़ा गया है, जिससे इस बीमारी से लड़ाई में शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली (इम्यून सिस्टम) मजबूत हो जाती है.

नेचर पत्रिका में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार, नैनोपार्टिकल वैक्सीन बंदरों में कोविड-19 संक्रमण को रोकने में सौ फीसद कारगर पाई गई है. मौजूदा टीकों की तुलना में इस नई वैक्सीन में वायरस को निष्प्रभावी करने की क्षमता भी अधिक पाई गई है. अध्ययन के प्रमुख शोधकर्ता और ड्यूक ह्यूमन वैक्सीन इंस्टीट्यूट के निदेशक बार्टन एफ हेंस ने कहा, ‘हमने कोविड-19 का कारण बनने वाले सार्स-कोव-2 में होने वाले म्यूटेशन को समझने के लिए यह अध्ययन शुरू किया था.’ उन्होंने बताया, ‘यह वैक्सीन न सिर्फ सार्स-कोव-2 से सुरक्षा मुहैया कराती है बल्कि इस टीके द्वारा प्रेरित एंटीबॉडी उन वैरिएंट को भी निष्प्रभावी करती है, जिनकी उत्पत्ति ब्रिटेन, दक्षिण अफ्रीका और ब्राजील में हुई.’

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