Kanpur: कोरोना की तीसरी लहर को लेकर आइआइटी के SIR मॉडल ने कही यह बात

ABC News: कोरोना संक्रमण के बीच राहत की खबर है. कोरोना की दूसरी लहर का अध्ययन करने वाला आइआइटी के सस्पेक्टेबल, इंफेक्टेड और रिकवर्ड (SIR) मॉडल के मुताबिक अगले महीने लगभग सभी राज्यों में संक्रमण के मामले काफी कम होंगे. इसके बाद अगर कोरोना प्रोटोकॉल का पालन न हुआ तो तीसरी लहर आ सकती है. उसमें नुकसान कम होगा बशर्ते कोरोना प्रोटोकॉल के कड़ाई से पालन के साथ कम से कम 60 फीसद लोगों को टीका लगे. सुकून की बात ये भी है कि जिनको पहले कोरोना हो चुका है, उन्हेें खतरा कम होगा.

तीसरी लहर के बाद स्थितियां काफी हद तक सामान्य होंगी. आइआइटी के मॉडल के मुताबिक वायरस की प्रकृति होती है कि वह म्यूटेंट (परिवर्तित) होने के बाद तेजी से हमला करता है, दूसरी लहर उसी का परिणाम है. लॉकडाउन के बाद ज्यादातर लोग बेपरवाह हुए जिससे स्थितियां बिगड़ीं. आइआइटी के भौतिक विज्ञान विभाग में प्रो.महेंद्र वर्मा व एयरोस्पेस इंजीनियरिंग ब्रांच के प्रो.राजेश रंजन ने कोरोना के संभावित, संक्रमित व ठीक हुए मरीजों के आंकड़ों के आधार पर ‘कोविड-19 भविष्यवाणी मॉडल’ बनाया है. इस मॉडल में 13 फरवरी से 24 मई तक का डाटा लिया गया है.

आंकड़ों के मुताबिक कोरोना संक्रमण पीक पर होने पर पूरे देश में टेस्ट पॉजिटिविटी रेट (टीपीआर) या एक्टिव केस 23 फीसद तक पहुंच गए थे जो अब घटकर 12 फीसद पर है. पहले चार लाख संक्रमित केस रोजाना आ रहे थे, वह अब घटकर औसतन दो लाख रह गए हैं. इसी आकलन के आधार पर दूसरी लहर का कहर कम होने का अनुमान लगाया गया है.

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