Kanpur: निर्यात पर रोक का असर, गेहूं के दाम 100 रूपए प्रति क्विंटल तक घटे, और गिरेंगे दाम

ABC News: केंद्र सरकार के गेहूं के निर्यात पर रोक लगाने का असर कुछ घंटों में ही दिखने लगा. केंद्र का आदेश आते ही थोक बाजार में गेहूं के दाम सौ रुपए प्रति क्विंटल गिर गए. अभी इसके और गिरने की संभावना जताई जा रही है. साथ ही दूसरे देशों के लिए कानपुर से गेहूं एक्सपोर्ट करने वाली कंपनी ने सभी ऑर्डर कैंसिल कर दिए हैं. कानपुर से गेहूं निर्यात के लिए जाने वाली रैक के सभी आर्डर निरस्त कर दिए गए हैं.


गेहूं के निर्यात पर अचानक रोक लगने से अगले दस दिन तक बाजार में अस्थिरता का माहौल रहेगा. साथ ही सबसे ज्यादा गेहूं खरीदने वाली भारतीय कंपनियों के शेयर भी गिरेंगे. अब वही कंपनियां गेहूं दूसरे देशों को एक्सपोर्ट कर सकेंगी, जिन्हें बैंकों ने लेटर ऑफ क्रेडिट जारी कर रखा है. व्यापारी नेता ज्ञानेश मिश्रा ने बताया कि सरकार के गेहूं का निर्यात करने पर रोक लगाते ही इसका असर दिखने लगा. शनिवार सुबह ही थोक बाजार में गेहूं सौ रुपए प्रति क्विंटल नीचे आ गया. कल तक यह 22 सौ रुपए प्रति क्विंटल था, आज यह 21 सौ रुपए प्रति क्विंटल हो गया. सरकार ने निर्यात इसलिए बंद किया है, ताकि गेहूं के बढ़ते भाव पर नियंत्रण पाया जा सके. बाजार में किसानों को ज्यादा दाम मिलने से सरकारी खरीद कम हो रही थी. अब तक कानपुर से रेलवे की पांच रैक दूसरे देशों को गेहूं एक्सपोर्ट करने के लिए रवाना हो चुकी है, लेकिन निर्यात पर प्रतिबंध के बाद कानपुर से जाने वाली एक रैक के आर्डर निरस्त कर दिए गए हैं. निर्यात पर रोक लगने का आदेश आते ही गेहूं एक्सपोर्ट करने वाली कंपनी ने भी हाथ खड़े कर दिए और गेहूं खरीदने से इनकार करते हुए सारे ऑर्डर कैंसिल कर दिए.

बता दें कि गेहूं की बढ़ती कीमतों पर लगाम कसने के लिए केंद्र सरकार ने शनिवार को इसके निर्यात पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है. गेहूं को प्रतिबंधित श्रेणी में रखा गया है. सरकार की ओर से कहा गया है कि देश की खाद्य सुरक्षा के मद्देनजर यह कदम उठाया गया है. साथ ही, पड़ोसी और गरीब देशों को समर्थन करने के लिए भी ऐसा करना जरूरी था. केंद्र के निर्देश के मुताबिक जिन देशों को निर्यात के लिए बैंको द्वारा लेटर ऑफ क्रेडिट जारी किया जा चुका है, उनका निर्यात जारी रहेगा. यह अधिसूचना डीजीएफटी ने जारी की है. व्यापारी नेता ज्ञानेश ने बताया कि दूसरे देशों में निर्यात की वजह से सरकार को गेहूं नहीं मिल पा रहा था. किसान गेहूं बेचने सरकारी मंडियो में नहीं जा रहे थे. इस कारण भी इसके दामों में उछाल हो रहा था. एक माह में शहर में थोक बाजार में गेहूं के दाम करीब दो सौ रुपए प्रति क्विंटल बढ़े थे. अब निर्यात पर रोक लग गई है, इस वजह से इसके दाम अब घटने लगेंगे.

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