कानपुर के व्यापारी की गोरखपुर में मौत का मामला: डीएम-एसएसपी कर रहे थे ‘मौत का सौदा’

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ABC NEWS: कानपुर (Kanpur) के व्यापारी मनीष गुप्ता की मौत मामले (Manish Gupta Death Case) को लेकर सपाइयों ने पुलिस-प्रशासन पर मामला मैनेज कराने का आरोप लगाया है.अपनी बात के समर्थन में सपाइयों ने एक वीडियो वायरल किया है, जिसमें कानपुर के मृतक व्यापारी मनीष गुप्ता की पत्नी और उनके परिजनों से डीएम और एसएसपी की बंद कमरे में बातचीत के अंश है. जिसमें आरोपी पुलिसकर्मियों के बचाव में डीएम और एसएसपी परिजनों से केस नहीं दर्ज करने का दबाव बनाते साफतौर पर देखे जा सकते हैं. यहां तक कि डीएम विजय किरण आनंद जहां केस दर्ज होने के बाद कोर्ट में सालों तक चक्कर लगाने की बात करते हैं, वहीं दूसरी तरफ एसएसपी डॉ विपिन टाडा पूरे प्रकरण की विवेचना होने और क्लीन चिट मिलने तक पुलिसकर्मियों की बर्खास्तगी की बात कहकर व्यापारी के परिजनों को समझाने की कोशिश करते दिख रहे हैं.

DM-SSP मना करते भी दिख रहे 

मोबाइल से बनाये जा रहे वीडियो पर नजर पड़ते  डीएम और एसएसपी ने रिकार्डिंग से मना करते भी दिख रहे हैं। हालांकि बाद में डीएम और एसएसपी ने व्यापारी की पत्नी की तहरीर पर रामगढ़ताल थानेदार समेत दो दारोगा पर नामजद और तीन अज्ञात पर हत्या का केस दर्ज कर लिया था. इस बीच FIR और मृतक की पत्नी की तहरीर पर भी सवाल उठने लगे हैं. तहरीर में 6 पुलिसकर्मियों को आरोपी बनाया गया है, जबकि मुकदमा सिर्फ तीन के खिलाफ दर्ज किया गया है. इस पर यूपी पुलिस की तरफ से ट्वीट कर सफाई दी गई है कि ‘ यूपी पुलिस की ओर से किया गया ट्वीट. गोरखपुर में एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना में एक व्यक्ति की मौत हुई है. इस मामले में छह पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर उनके खिलाफ उचित धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है. गोरखपुर के एडीजी, डीआईजी, एसएसपी को जांच के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं.’

सभी आरोपी हैं फरार 
गौरतलब है कि रामगढ़ताल थाना क्षेत्र स्थित होटल कृष्णा पैलेसे में कानपुर के व्यापारी मनीष गुप्ता की मौत के मामले में थानेदार जेएन सिंह समेत दारोगा अक्षय मिश्रा और विजय यादव नामजद और तीन अज्ञात पुलिसकर्मियों पर हत्या का केस दर्ज किया गया है. जिसके बाद से सभी आरोपी पुलिसकर्मी अपना मोबाइल बंद करके फरार हैं. जिनकी गिरफ्तारी के लिए क्राइम ब्रांच को लगाया गया है. साथ ही पूरे प्रकरण की विवेचना क्राइम ब्रांच को सौंपी गयी है, जबकि एसपी क्राइम की निगरानी में मामले की जांच की जायेगी. फिलहाल इन सभी हलचल के बीच गोंडा जिले से तबादले के बाद आये इस्पेक्टर केके राणा को नवीन तैनाती देते हुए एसएसपी ने चर्चित रामगढ़ताल थाने का प्रभारी बनाया है.

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