Kadha Side Effects: इम्यूनिटी बढ़ाने वाला काढ़ा इस तरह से कर सकता है नुकसान

ABC News: कोरोना के बचाव के लिए इस समय इम्यूनिटी बढ़ाने पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है. इम्युनिटी बढ़ाने के​ लिए सबसे ज्यादा आयुर्वेदिक काढ़े का चलन इन दिनों खूब है. इम्यूनिटी बढ़ाने के उपाय आयुष मंत्रालय ने भी साझा किए थे. ऐेस में इम्यूनिटी बढ़ाने के तरीके तेजी से खोजे जा रहे हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इम्यूनिटी बढ़ाने के उपाय के तौर पर इस्तेमाल किए जाने वाले इस काढ़े से आपकी सेहत को कुछ नुकसान भी हो सकते हैं.

अगर आप इसका बहुत ज्यादा सेवन कर लेते हैं तो सबसे पहले तो यह जानना जरूरी है कि जो काढ़ा आप दुरुस्त होने के लिए ले रहे हैं वह आपको नुकसान तो नहीं पहुंचा रहा है. यह जानने के लिए आप नीचे दिए लक्षणों पर नज़र रखें.  इम्यूनिटी को मजबूत करने का सबसे अच्छा तरीका है पौष्ट‍िक आहार लेना. अब ऐसे में सवाल उठता है कि इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए क्या खाएं. तो इन दिनों एक चीज जो इम्यूनिटी को बूस्ट करने में सबसे उपयोगी मानी जा रही है वह है आयुर्वेदिक काढ़ा. इसे ऐसे बहुत से प्राकृति‍क पौषक तत्वों से तैयार किया जाता है, जो आपकी सेहत को कई तरह के फायदे पहुंचाते हैं. इसमें जड़ी बूटियों का इस्तेमाल किया जाता है. लेकिन अति हर चीज की बुरी होती है. ठीक इसी तरह अगर आप खूबियों से भरे काढ़े का इस्तेमाल भी जरूरत से ज्यादा करेंगे तो यह नुकसानदायक हो सकता है.

काढ़े के अत्यधिक सेवन का इस तरह से हो सकता नुकसान
1. चक्कर आना
2. आंखों के आगे अंधेरा होना
3. नाक से खून आना
4. पेट में जलन रहना
5. मुंह में छाले हो जाना
6. पेशाब में जलन
7. कब्ज या दस्त जैसी समस्या
8. त्वचा पर छोटे-छोटे दाने उभर आना
9. गैस या अपच की श‍िकायत होना
10. अचानक से वजन में ज्यादा कमी होना

असल में इम्यूनिटी बूस्टर आयुर्वेदिक काढ़े को आमतौर अलग-अलग जड़ी बूट‍ियों के मेल के बाद तैयार किया जाता है. कोरोना वायरस से बचाव के लिए जो इम्यूनिटी बूस्टर काढ़ा चलन में है उसमें काली मिर्च, अश्वगंधा, पीपली, दालचीनी, हल्दी, सोंठ और गिलोय जैसी औषधियों का डाल कर तैयार किया जा रहा है. यह सभी चीजें तासीर में गर्म हैं और बहुत ज्यादा मात्रा में सेवन करने पर यह नक्सीर जैसी समस्या पैदा कर सकते हैं. कई मामलों में बुखार जैसी समस्या भी देखने को मिली है. इसलिए यह जरूरी हो जाता है कि आप काढ़े का सेवन संतुलित और सुझाई गई मात्रा में ही करें. 

कैसे करें समस्या को कम 
सबसे जरूरी बात यह है कि आप वात और पित्त दोष का ध्यान रखें. इसके लिए आपको करना बस यह है कि गर्म तासीर वाली चीजें काढ़े में कम डालनी हैं और ठंडी तासीर वाली चीजें ज्यादा.


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