क्या सियासत से हो रहा सिद्धू का मोहभंग? पत्नी नवजोत बोलीं-अगर सफल नहीं हुए तो..

Spread the love

ABC News: पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर सिद्धू ने एक बड़ा खुलासा करते हुए कहा है कि यदि पंजाब की सियासत में इस बार मौका नहीं मिलता है तो दोनों (दंपति) मूल व्यवसाय में लौटने पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं. मीडिया को दिए एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि राजनीति ने हमें आर्थिक रूप से कमजोर किया है. 2004 से जब हम राजनीति में आए, हमने अपने मूल व्यवसाय को पूरी तरह से ठंडे बस्ते में डाल दिया है. हालांकि नवजोत कौर इस बीच यह भी दावा करती हैं कि कांग्रेस फीसदी पंजाब में सरकार बनाएगी.

नवजोत कौर सिद्धू कहती हैं कि मैं हर महीने 5 से 10 लाख रुपये कमाती थी, जबकि नवजोत को एक घंटे के लिए 25 लाख रुपये मिलते थे. इसलिए इस तरह के वित्तीय लाभ को छोड़ना आसान नहीं है. इसलिए अगर इस बार हमें मौका नहीं मिला तो हम गंभीरता से अपने प्रोफेशन में वापिस जाने पर विचार कर रहे हैं. हम अपने व्यवसायों में कड़ी मेहनत करते हैं और दुनिया में कहीं भी जा सकते हैं. कहती हैं कि निजी तौर पर हमें लोगों की सद्भावना के अलावा राजनीति से कुछ भी हासिल नहीं होता है और हम देश के लोगों के लिए कुछ करना चाहते हैं.पंजाब के विकास कार्यों के बारे में वह बताती है कि मुझे लगता है कि हम यहां एक लंबा सफर तय कर चुके हैं. जब हमें यह निर्वाचन क्षेत्र मिला था, तब इसकी हालत खराब थी. आज यह शायद पंजाब के सबसे अच्छे निर्वाचन क्षेत्रों में से एक है. हमने निर्वाचन क्षेत्र के कल्याण पर बहुत खर्च किया और मेरे पार्षदों ने हमें आज जहां खड़ा किया है, वहां पहुंचने के लिए वास्तव में कड़ी मेहनत की है. मैं गर्व से कह सकती हूं कि आज हम सभी दुकानदारों, रेहड़ी-पटरी वालों और बड़े पैमाने पर लोगों को जानते हैं.

पूर्व विधायक कैप्टन अमरिंदर सिंह के बारे में वह कहती है कि यह किसी की समझ से परे है कि उन्होंने (कैप्टन) खुद को लोगों से अलग क्यों किया और अपने फार्म हाउस से ही काम करना चुना. कोई भी सीएम अपना ऑफिस छोड़कर फार्महाउस में नहीं रहता है. सबसे महत्वपूर्ण उसने जमीन से संपर्क काट दिया. नवजोत कौर कहती हैं कि कैप्टन अब दावा कर रहे हैं कि उन्हें पता था कि उनके सभी विधायक खनन में शामिल थे. जब नवजोत माइनिंग के लिए कॉरपोरेशन बनाकर सरकार बनाने की बात जोर-शोर से चिल्ला रहे थे, तो किसी ने ध्यान नहीं दिया. पंजाब की आर्थिक स्थिति को खराब मानते हुए कैप्टन ने चीजों को सुव्यवस्थित करने के लिए कुछ नहीं किया. उन्होंने निगम बनाने से इनकार कर दिया, और चीजों को निजी हाथों में दे दिया.

खबरों से जुड़े लेटेस्ट अपडेट लगातार हासिल करने के लिए आप हमें  Facebook, Twitter, Instagram पर भी ज्वॉइन कर सकते हैं … Facebook-ABC News 24 x 7 , Twitter- Abcnews.media Instagramwww.abcnews.media

You can watch us on :  SITI-85,  DEN-157,  DIGIWAY-157


For more news you can login- www.abcnews.media