किसी के याद करने पर नही आती हिचकी, बल्कि ये एक गंभीर बीमारी हो सकती है..

  • किसी के याद करने से नही आती हिचकी
  • हिचकी आना एक गंभीर समस्या
  • जल्दी खाना और ठंडे पानी से नहाने पर होती है हिचकी की बीमारी

ABC NEWS : हिचकी का ज्यादा आना एक गंभीर न्यूरोलॉजिकल समस्या हो सकती है. अगर हिचकी 48 घंटे से अधिक समय तक रहती है, तो ऐसे व्यक्ति को डॉक्टर से जाकर मिलना चाहिए.हिचकी के कुछ आम कारणों में बहुत जल्दी खाना और ठंडे पानी से स्नान करना आदि भी शामिल है.

हिचकी और डकार आमतौर पर हमें तब आती है जब कभी हमारे शरीर की हवा हमारे खाने की तहों के बीच फँस जाती है.इसलिए आपने देखा होगा कि ज्यादातर लोगों को हिचकी खाते-पीते वक्त या उसके तुरंत बाद आती है. कुछ लोगों की ये भी मान्यता है कि हिचकी इस बात का सूचक है कि हमें कोई याद कर रहा .जबकि ऐसा कुछ भी नहीं है.हिचकी या डकार के आने के पीछे एक बायोलॉजिकल कारण है, जो पूरी तरह से हमारे शरीर से जुड़ा हुआ है.हिचकी अक्सर हमें गले के मांसपेशियों में ऐंठन होने के कारण होती है. इसके अलावा भी हिचकी कई और कारण हैं.

हमें हिचकी क्यों आती है?

जब कोई व्यक्ति सांस लेता है, तो वे इंटरकॉस्टल मांसपेशियों (पसलियों के बीच) और डायाफ्राम (फेफड़ों के नीचे पेशी के गुंबद के आकार की चादर) का उपयोग करता है.तो डायाफ्राम फेफड़ों में हवा खींचने के लिए नीचे खींचता है.जैसे-जैसे वे सांस लेते हैं, डायाफ्राम हवा को बाहर निकालने के लिए जोर देता है.जब किसी व्यक्ति को हिचकी आती है, तो डायाफ्राम सिकुड़ जाता है सांसों के बीच हवा में खींचता है. फिर इसके तुरंत बाद, हवा को फेफड़ों में प्रवेश करने से रोकने के लिए एक पल के लिए बंद हो जाता है. यह विशेषता “हिच” ध्वनि पैदा करता है.इसलिए हमापे मुंह से हिचकी निकलती है.हिचकी इस तरह हवा को बाहर निकालने का उपाय है.हिचकी रोकने के लिए कार्बन डाएऑक्साइड की मात्रा बढ़ाना ज़रूरी है, इसलिए साँस रोकना, धीरे-धीरे पानी पीना कारगर साबित हो सकता है.

खाने-पीने के बाद-

हिचकी अक्सर खाने या पीने के बाद या बीच में आती है. पेट, जो सीधे डायाफ्राम से नीचे है, विकृत हो जाता है.यह डायाफ्राम को परेशान करता है और सिकुड़ने लगता है और जैसे ही हम साँस लेते हैं तो हिचकी आने लगती है.हिचकी को ट्रिगर करने वाली पाचन संबंधी अन्य गतिविधियाँ भी शामिल हैं. जैसे-

  • गर्म खाना या फिर ठंडा खाना
  • बात करते हुए खाना
  • जुगाली करने से
  • शराब का सेवन
  • बहुत धूम्रपान करनाकुछ हिचकी 48 घंटों से लेकर 2 महीने तक भी रह सकती हैं. इसके कई कारण हो सकते हैं. जिसमें से एक कारण ब्रेन में आई कुछ पेरशानियां भी हो सकती हैं. जैसे कभी-कभी नर्वस पोथवे में गड़बड़ी के कारण भी हिचकी आती है, जो मस्तिष्क से पसलियों के बीच की मांसपेशियों तक जाती है.साथ ही मस्तिष्क या रीढ़ की हड्डी में परेशानी, डायाफ्राम या छाती में दर्द, रक्त संरचना जैसे कि उच्च रक्त कैल्शियम का स्तर, पेट अगर डायाफ्राम को पर दबाता है को भी व्यक्ति को लंबे वक्त तक हिचकी आती है.वहीं इसके पीछे कुछ भावनात्मक कारण भी होते हैं.

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