‘ओमिक्रॉन’ के संक्रमण को लेकर सरकार सख्त, इन 12 देशों से भारत आने वालों की होगी टेस्टिंग

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ABC NEWS: दुनिया भर के अलग-अलग देशों से लगातार कोविड-19 के नए स्ट्रेन ओमिक्रॉन (Covid 19 New Strain Omicron) के मामले सामने आने के बाद अब भारत सरकार भी इसे लेकर सतर्क हो गई है. केंद्र की मोदी सरकार (Modi Government) ने कोरोना संक्रमण (Corona Infection) के उच्च जोखिम देशों से पिछले दो सप्ताह में भारत आने वाले ऐसे यात्रियों के सैंपल लेने के लिए कहा है जो कोविड पॉजिटिव पाए गए हैं. कुल ऐसे 12 देश हैं जहां से भारत आने वाले यात्रियों का सैंपल अब कलेक्ट किया जा रहा है. इसके बाद इन सैंपल को टेस्टिंग के लिए भेजा जाएगा.

जानकारी के अनुसार वर्तमान में भारत ने अपनी उच्च जोखिम देशों की लिस्ट में दक्षिण अफ्रीका, ब्राजील, बांग्लादेश, बोत्सवाना, चीन, मॉरीशस, न्यूजीलैंड, जिम्बाब्वे, सिंगापुर, हांगकांग, इजराइल, ब्रिटेन समेत यूरोपीय देश शामिल हैं.

इन देशों में मिल चुके हैं संक्रमण के मामले
गौरतलब है कि कोविड-19 के नए स्ट्रेन ओमिक्रॉन का सबसे पहला मामला दक्षिण अफ्रीका से सामने आया था. इसके बाद इसके संक्रमण के मामले बोत्सवाना, बेल्जियम, हांगकांग और इजराइल से भी सामने आए. विश्व स्वास्थ्य गंठन ने भी कोविड के इस नए वेरिएंट को लेकर चिंता जताई है. डब्ल्यूएचओ ने इसे लेकर चेतावनी जारी करते हुए कहा कि यह कोरोना के अब तक के दूसरे वेरिएंट के मुकाबले अधिक तेज गति से फैल सकता है.

नए वेरिएंट के संक्रमण की गति काफी तेज
ओमिक्रॉन पर अब तक के हुए अध्ययन से यह सामने आया है कि इसके संक्रमण की गति काफी तेज है. विशेषज्ञों ने वायरस के संचरण क्षमता पर चिंता व्यक्त की है. वर्तमान में दूसरे देशों से आने वाले यात्रियों को आरटीपीसीआर रिपोर्ट लाना अनिवार्य किया गया है या फिर किसी यात्री का टेस्ट तब होता था जब उसमें किसी तरह के लक्षण दिखाई देते थे. अब सरकार ने इसमें बदलाव करते हुए भारत आने वाले सभी यात्रियों तो टेस्ट से गुजरना पड़ेगा.

सरकारी अधिकारी के मुताबिक, फिलहाल सैंपल कलेक्शन से लेकर सीक्वेंसिंग डेटा जेनरेशन और वैरिएंट आइडेंटिफिकेशन तक का टर्नअराउंड टाइम दो हफ्ते है. अधिकारी ने बताया कि पूरे भारत में, आठ प्रयोगशालाओं को परीक्षण के लिए नामित किया गया है.

12 करोड़ लोगों ने नहीं ली वैक्सीन
सरकार उन लोगों के लिए भी जागरूकता अभियान तेज करने की योजना बना रही है जिन्होंने कोविड -19 वैक्सीन की पहली खुराक तक नहीं ली है. देश में अभी भी लगभग 10-12 करोड़ ऐसे लोग हैं जिन्होंने टीके की एक भी खुराक नहीं ली है. अधिकारी ने कहा कि सरकार ने चार सप्ताह से एक सप्ताह तक जीनोमिक अनुक्रमण की रिपोर्ट को भी फास्ट ट्रैक किया है. उन्होंने कहा कि हमने स्थिति की बारीकी से निगरानी करने के लिए जीनोम अनुक्रमण को प्राथमिकता दी है. इससे पहले, एक रिपोर्ट तैयार करने में लगभग चार सप्ताह लगते थे. हालांकि, समय की जरूरत को देखते हुए अब एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट तैयार कर ली जाएगी.

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