योगी सरकार में 62 लाख घरों में मुफ्त कनेक्शन, ऐसे पहुंचाई गई सस्ती बिजली

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ABC News: उत्तर प्रदेश में ऊर्जा विभाग ने अब तक 1.40 करोड़ बिजली कनेक्शन दिये हैं. विभाग का दावा है कि 1.30 लाख मजरों के हर घर को बिजली का कनेक्शन दिया गया है. इसके अलावा 61.94 लाख घरों को निशुल्क कनेक्शन दिया गया है. 47,337 लोगों को सोलर पावर पैक भी दिए हैं.

शासन की तरफ से इस बात की जानकारी दी गई है कि ग्रामीण क्षेत्रों में पूर्ववर्ती सरकारों की अपेक्षा 54 फीसदी ज्यादा बिजली दी जा रही है, वहीं, जिला मुख्यालय पर 24 घंटे, तहसील मुख्यालय पर 21:30 घंटे व गांवों में 18 घंटे विद्युत आपूर्ति का रोस्टर निर्धारित है तथा विद्युत आपूर्ति की जा रही है. इसके अलावा विभाग का दावा है कि अलग हुए कृषि फीडरों पर सुबह 7 से शाम को 5 बजे तक निर्बाध 10 घंटे की आपूर्ति हो रही है. प्रदेश को निर्बाध व ट्रिपिंग फ्री विद्युत आपूर्ति के लिए 662 नए 33/11 उपकेंद्र बनाये हैं. 1234 उपकेंद्रों की क्षमता बढ़ाई गई है. इसके अलावा अब तक कुल 11983 सर्किट किमी वितरण लाइनों का निर्माण किया गया है. यही नहीं, मौजूद वित्तीय वर्ष में पीक समय पर 24926 मेगावॉट की बिजली आपूर्ति की गई, जबकि पूर्ववर्ती सरकार में यह आपूर्ति 16500 मेगावाट थी. वर्ष 2025 तक प्रदेश की ट्रांसमिशन क्षमता 32,400 मेगावॉट होगी.

ऊर्जा विभाग ने यह भी कहा
– सरकार ने 12,111.75 करोड़ रूपये की लागत से 765 केवी के 12, 400 केवीए के 34, 220 केवी के 72 व 132 केवी के 119 पारेषण उपकेंद्रों का निर्माण करवा चुकी है. जिसकी वजह से बिजली की आपूर्ति का तंत्र बहुत बेहतर हो चुका है.
– इस सरकार के कार्यकाल में अबतक 45 हजार 85 सर्किट किमी पारेषण लाइन भी बनाई गई है.
– प्रदेश में सभी विधाओं की कुल विद्युत उत्पादन क्षमता 26,937 मेगावाट है जो कि 3 वर्ष पूर्व की क्षमता से लगभग 4000 मेगावाट अधिक है. 2024 तक इसमें 8262 MW की वृद्धि होगी.
– वर्ष 2022 तक ऊर्जा विभाग के राज्य तापीय विद्युतगृहों का उत्पादन 7,260 MW बढ़कर 12734 मेगावॉट हो जाएगी और 34,500 MW बिजली की उपलब्धता रहेगी.
– तीन वर्षों में 136775 ट्यूबवेल लगे. प्रत्येक वर्ष 35882 ट्यूबवेल लगाने का लक्ष्य निर्धारित था. प्रतिवर्ष औसतन 45592 ट्यूबवेल कनेक्शन दिए गए. जबकि पूर्ववर्ती सरकार में 19880 ट्यूबवेल कनेक्शन ही प्रतिवर्ष दिए गए.
– मौजूदा समय में पूर्ण जमा योजना के तहत 23 फरवरी 2020 तक कुल 65481 किसानों ने ट्यूबवेल कनेक्शन के लिए आवेदन किया. इनमें 33765 किसानों ने एस्टीमेट भी जमा किया है. कुल 22571 लोगों को कनेक्शन जारी किए गए. 16047 लोगों के आवेदन निरस्त किए गए.
– सामान्य योजना में 68 हजार रुपये की छूट सरकार किसानों को देती है. जबकि 5 HP के सोलर पंप पर कुल 2.40 लाख की लागत आती है. इसमें किसान को कुल 40% राशि ही देनी होती है. यह लगभग एक लाख रुपये तक आती है.
– इसके अलावा विभाग लघु एवं सीमांत किसानों को ही सामान्य जमा योजना के लाभार्थी के रूप में शामिल करने की योजना तैयार कर रहा है. साथ ही विद्युत कनेक्शन की बजाय सोलर पंप लगाने के लिए किसानों को प्रेरित किया जाएगा. अनुदान राशि को इसी के तहत दिया जाए.
– AB केबलिंग/ अंडरग्राउन्ड केबलिंग की दिशा में कार्य करते हुए पूर्वांचल के 15334 व मध्यांचल के 11299 मजरे चिह्नित किये गए हैं. यह कार्य 31 मार्च 2023 तक पूरा हो जाएगा. इस योजना में 3100 करोड़ रुपये खर्च होंगे.
– सौभाग्य योजना के तहत पश्चिमांचल, दक्षिणांचल एवं मध्यांचल के 12786 मजरों REC/PFC के 1445 करोड़ के लोन से 24885 किमी जर्जर लाइनों को ABC में बदला जा चुका है.  1000 एवं अधिक आबादी वाले सभी गांवों में खुले तारों को एबी केबलिंग से बदलने की प्रक्रिया चल रही है.
– अंडरग्राउंड केबलिंग के कार्यों के तहत 19 जनपदों की 22 परियोजनाओं में 6035.70 किमी एलटी व 924.98 किमी एचटी लाइन बिछाई जा चुकी है.
– काशी के बाद अयोध्या के कायाकल्प के तहत भी हमने शहर की घनी आबादी वाले क्षेत्रों को अंडरग्राउंड केबलिंग लिए चिह्नित किया है.

सस्ती बिजली की दिशा में उठाए गए कदम
– सरकार की तरफ से बताया गया कि सपा सरकार ने 5.14 रू- 11.09 रू की दर से दीर्घकालिक पीपीए किये, जिसकी वजह से जनता को महंगी बिजली मिली. वहीं योगी सरकार ने सस्ती बिजली के अभियान के तहत 2.98 रू- 4.19 रू की दर से पीपीए किये. लाइन लॉस कम करके सस्ती बिजली की उपलब्धता के अन्य विकल्पों पर काम किया जा रहा है.
– कोविड महामारी के दौरान प्रदेश के औद्योगिक (एल०एम०वी०-6ए एच०वी०-2) एवं वाणिज्यिक (एल०एम०वी०-2ए एच०वी०-11ए एचoवीo-12) श्रेणियों उपभोक्ताओं को जिन्होंने जुलाई 2020 तक बिल का भुगतान किया था. उन्हें एक माह के फिक्स/डिमांड चार्जेज के रूप में कुल 342.68 करोड़ रूपये की मदद की गई.
– LMV-2 (वाणिज्यक), LMV-4b (निजी संस्थान) एवं LMV-6 (औद्योगिक) श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए ‘कोविड-19 एकमुश्त समाधान योजना’ लायी गयी. पंजीकरण की अंतिम तिथि तक 1,93,001 बकाएदार उपभोक्ताओं द्वारा पंजीकरण कराया गया. इसके तहत उपभोक्ताओं का 30 नवंबर 2020 तक का सरचार्ज माफ किया गया.
– झटपट कनेक्शन योजना अब तक 7,09,423 कनेक्शन दिये जा चुके हैं. वहीं निवेश मित्र पोर्टल से अब तक 28,963 बिजली कनेक्शन दिये गए हैं.
– ऊर्जा की बचत के लिए उजाला योजना के तहत 2,62,52,683 LED बल्ब वितरित किये जा चुके हैं. इससे 683 MW पीक डिमाण्ड में कमी आई है.

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