पानी से भी सस्ता कच्चा तेल फिर भी 10 दिनों पैट्रोल कर दिया गया 5 रूपए महंगा

  • lockdown का घाटा पूरा कर रही तेल कंपनियां
    7 जून से से शुरू की थी बढ़ोतरी
    21 महीने के ऊपरी स्तर पर पहुंच गए दाम

ABC NEWS: कोरोनो वायरस (Coronavirus Impact) की वजह से दुनियाभर में आर्थिक गतिविधियां (Business Activity) थमने के बाद पिछले महीने कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट आई थी. हालांकि ओपेक (OPEC-Organization of the Petroleum Exporting Countries) देशों (कच्चे तेल का उत्पादन करने वाले देशों का संगठन) की ओर से क्रूड ऑयल का उत्पादन घटने के बाद कीमतों में फिर से तेजी आने लगी है. ब्रेंट क्रूड के दाम बढ़कर 39 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गए है. वहीं, भारत में पेट्रोल की कीमतें भी तेजी से बढ़ी. पिछले 10 में पेट्रोल 5 रुपये से ज्यादा महंगा हो गया है. हालांकि, एक्सपर्ट्स का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पेट्रोल अभी भी एक लीटर पानी की पैकेज्ड बोतल से सस्ता है. वहीं, देश में कीमतें 21 महीने में सबसे ज्यादा हो गई है.


वीएम पोर्टफोलियो के रिसर्च हेड विवेक मित्तल ने बताया कि मार्च में सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइड ड्यूटी में 3 रुपये प्रति लीटर का इजाफा कर दिया था. इसके बाद भी तेल कंपनियों ने कीमतों में टैक्स नहीं बढ़ाया. इसीलिए अब वो पेट्रोल पर रोजाना दाम बढ़ा रही हैं. इसके अलावा लॉकडाउन में ढील के बाद अचानक पेट्रोल और डीजल की डिमांड बढ़ी है. रुपये में गिरावट से भी तेल कंपनियों की चिंता बढ़ी है. लॉकडाउन के बीच तेल कंपनियों को नुकसान उठाना पड़ा था. अब वे इसकी भरपाई कर रही है.

कैसे पानी से भी सस्ता हुआ कच्चा तेल 

मौजूदा समय में एक लीटर कच्चे तेल के दाम 39 डॉलर प्रति बैरल है. एक बैरल में 159 लीटर होते हैं. इस तरह से देखें तो एक डॉलर की कीमत 76 रुपये है. इस लिहाज से एक बैरल की कीमत 2964 रुपये बैठती है. वहीं, अब एक लीटर में बदलें तो इसकी कीमत 18.64 रुपये के करीब आती है. जबकि देश में बोतलबंद पानी की कीमत 20 रुपये के करीब है.


10 दिन में पेट्रोल-डीज़ल 5 रुपये से ज्यादा हुआ महंगा

तेल कंपनियों ने 7 जून से पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि करना शुरू किया. इसके बाद के 10 दिन में अब तक पेट्रोल की कीमतों में 5.47 रुपये, जबकि डीजल के दाम में 5.80 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी दर्ज की जा चुकी है. हालांकि, उम्‍मीद की जा रही है कि अगले दो हफ्तों में बढ़ोतरी के साथ ही 60 पैसे प्रति लीटर की राहत भी दी जा सकती है. तेल मंत्रालय के के मुताबिक, मई में तेल की कुल खपत 1.465 करोड़ टन रही, जो अप्रैल के मुकाबले 47.4 फीसदी ज्यादा है. अंग्रेजी की वेबसाइट टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, पेट्रोल के दाम 21 महीने के ऊपरी स्तर पर पहुंच गए है.
अब सवाल उठता है कि पेट्रोल-डीज़ल क्यों लगातार महंगा हो रहा है 

इस पर एक्सपर्ट्स का कहना है कि पेट्रोल के दाम कई चीजों से तय होते हैं. इसमें एक कच्चा तेल भी है. इंटरनेशनल मार्केट में क्रूड की कीमतों में भारी गिरावट के बावजूद भारत में उस अनुपात में पेट्रोल-डीजल की कीमतें क्यों नहीं घटतीं? इसकी दो बड़ी वजह हैं

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