CBI को मिली आनंद गिरि, आद्या प्रसाद तिवारी तथा संदीप तिवारी की 5 दिन की कस्टडी

ABC News: अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेन्द्र गिरि की संदिग्ध परिस्थति में मृत्यु के मामले की जांच कर रही सीबीआइ ने केस टेकओवर करने के तीसरे ही दिन आरोपितों पर शिकंजा कस दिया है. प्रयागराज पुलिस की दर्ज की गई एफआइआर पर जांच को आगे बढ़ा रही सीबीआइ को सोमवार को इस केस के तीन आरोपितों की पांच दिन की रिमांड मिल गई है.

प्रयागराज में महंत नरेन्द्र गिरि की संदिग्ध मृत्यु प्रकरण की जांच कर रही सीबीआइ ने सीजेएम कोर्ट से तीनों आरोपितों की रिमांड मांगी थी. तीनों आरोपित यहांं सेंट्रल जेल नैनी में बंद हैं. सीबीआइ की मांग पर सोमवार को इस प्रकरण पर सुनवाई वीडियो कांफ्रेसिंग से हुई. इस सुनवाई के बाद सीबीआइ ने महंत नरेन्द्र गिरि के परम शिष्य रहे आनंद गिरि, बड़े हनुमान मंदिर के पुजारी आद्या प्रसाद तिवारी और आद्या प्रसाद के बेटे संदीप तिवारी को पांच दिन की रिमांड पर लेने की अनुमति मिल गई है. सीबीआइ इस प्रकरण की हर तह तक जाना चाहती है. अब कोर्ट का आदेश मिलने के बाद सीबीआइ आज रात तक अथवा मंगलवार सुबह आनंद गिरि, आद्या प्रसाद तिवारी व उसके बेटे संदीप को हिरासत में ले सकती है. सीबीआइ ने कोर्ट ने दस दिन के लिए रिमांड मांगी थी. अब उसको पांच दिन में ही इन तीनों से पूछताछ पूरी करनी होगी. महंत नरेन्द्र गिरि ने अपने कथित सुसाइड नोट में इन तीनों पर ब्लैकमेल करने का आरोप लगाने के साथ ही अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया था. आनंद गिरि, आद्या प्रसाद तिवारी व उसके बेटे संदीप तिवारी के खिलाफ महंत नरेन्द्र गिरि को आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज है. अब सीबीआई आनंद गिरि को हरिद्वार भी ले जाकर पूछताछ करेगी. सीबीआइ की तरफ से अभियोजन अधिकारी अंकित तोमर ने रविवार को रिमांड मजिस्ट्रेट नरेन्द्र कुमार की कोर्ट में तीनों आरोपितों की दस दिन की रिमांड के लिए अर्जी दी थी.

जिसमें कहा गया कि महंत नरेन्द्र गिरि की संदिग्ध मृत्यु मामले में जेल में बंद आरोपित उनके शिष्य आनंद गिरि, मंदिर के पुजारी आद्या तिवारी व उसका बेटा संदीप से पूछताछ और साक्ष्य संकलन करना जरूरी है. पांच दिन की रिमांड मिलने के बाद अब सीबीआइ पूछताछ तथा साक्ष्य एकत्र करने के काम को गति देगी. प्रयागराज से एक टीम आरोपितों को हरिद्वार ले जाएगी. सीबीआइ ने उस सुसाइड नोट को भी अपने कब्जे में लिया है, जो महंत नरेन्द्र गिरि का बताया जा रहा है. मठ के लेटर पैड पर लिखे गए सुसाइड नोट को लेकर भी कई तरह के सवाल उठ रहे थे. अब सीबीआइ टीम राइटिंग एक्सपर्ट के जरिए महंत के हस्ताक्षर का मिलान करवा रही है. अगर हस्ताक्षर में कोई फर्क मिलता तो उसके आधार पर आगे कदम बढ़ाएगी. इसके साथ ही उन शब्दों का भी मिलान करवाया जा रहा है, जिनका उल्लेख एक से अधिक बार हुआ है. सुसाइड नोट की असलियत का पता लगाने के लिए राइटिंग एक्सपर्ट के साथ ही तकनीक की भी मदद ली जा रही है.

 

 

खबरों से जुड़े लेटेस्ट अपडेट लगातार हासिल करने के लिए आप हमें  Facebook, Twitter, Instagram पर भी ज्वॉइन कर सकते हैं … Facebook-ABC News 24 x 7 , Twitter- Abcnews.media Instagramwww.abcnews.media

You can watch us on :  SITI-85,  DEN-157,  DIGIWAY-157


For more news you can login- www.abcnews.media