गे-गैंग से सावधान! समलैंगिक दोस्तों ने पहले कुकर्म किया फिर की हत्या, जानें मामला

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ABC News: मेरठ में यश रस्तोगी की हत्या मामले में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है. जिसके चक्कर में आकर ही यश का हंसता-खेलता परिवार आज आंसुओं में समा गया है. पुलिस ने इस मामले में सोशल मीडिया  पर धड़ल्ले से चल रहे गे-गैंग का खुलासा किया है. पुलिस के मुताबिक युवाओं की एक गलती उसे गे-गैंग के ऐसे अंधेरे में धकेल देती है जहां से आना उनके लिए मुश्किल ही नहीं बल्कि नामुमकिन हो जाता है. बस एक क्लिक पर आप इस दलदल में धंसते चले जाएंगे जहां से निकलने का रास्ता शायद किसी के पास नहीं है. यश भी इस दलदल में फंस चुका था जिसकी कीमत उसे अपनी जान देकर चुकानी पड़ी.

इंटरनेट मीडिया पर गे-गैंग की न जाने कितनी साइट्स हैं, जिस पर एक क्लिक करते ही ये युवाओं को एक ऐसे अंधेरे रास्ते की ओर धकेल देती है जहां से वापसी होना मुश्किल है. इस साइट्स के जरिये युवाओं को लालच देकर मौत की दलदल में धकेल दिया जाता है. इसी दलदल में मेरठ के एलएलबी का छात्र यश रस्तौगी भी धंस गया था, लेकिन जब उसने यहां से निकलने की कोशिश की तब तक बहुत देर हो चुकी थी. गे-गैंग ने यश रस्तौगी की न सिर्फ बेरहमी से हत्या की, बल्कि उसकी लाश को नाले में भी फेंक दिया. दरअसल मेडिकल थाना इलाके जागृति विहार का रहने वाला एलएलबी छात्र यश रस्तौगी 26 जून को अपने घर से कुछ देर बाद लौटने की बात कहकर निकला, लेकिन फिर कभी नहीं लौटा. चार बहनों के अकेले भाई का यूं लापता हो जाना परिवार के लिए सदमे की तरह था. परिजनों ने पुलिस थाने में उसकी गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई और फिर अपहरण का मुकदमा.भी दर्ज करवा दिया. पुलिस ने इस मामले की जांच के लिए 250 से ज्यादा सीसीटीवी खंगाले, कितने ही लोगों से पूछताछ की, लेकिन कुछ हाथ नहीं लगा. पुलिस को 2 जुलाई को जब यश रस्तोगी मामले में जब क्लू मिला तो बहुत देर हो चुकी थी. यश रस्तोगी की हत्या हो चुकी थी और उसकी लाश को बोरे में बंद करके लिसाड़ी गेट थाना इलाके के नाले में फेंक दिया गया था. पुलिस ने साहवेज की निशानदेही पर यश का शव बरामद कर लिया. पुलिस ने इस मामले में अलीशान, सलमान और दो दिन बाद उवेश नाम के आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने जब इस मामले में पूछताछ शुरू की तो उसे पैरों के नीचे से जमीन खिसक गई. पता चला कि गे-ग्रुप से कॉन्टेक्ट कराने वाली एक सेाशल साइट के जरिए यश रस्तोगी की मुलाकात साहवेज से हुई थी और उनके बीच समलैगिंग संबंध भी बने. इसके बाद यश ने साहवेज को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया. इसी चक्कर में उसकी हत्या हुई. पुलिस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है कई खुलासे हो रहे हैं. पुलिस के मुताबिक यश ने भी एक साइट पर अपना मोबाइल नंबर रजिस्टर्ड किया था. यहां से उसे एक नंबर दिया गया और फिर उसे एक ऐसे ग्रुप में जोड़ दिया गया, जिसमें 40 से ज्यादा गे शामिल थे. इस ग्रुप में हुई चैट भी पुलिस को मिल गई हैं. पुलिस अब इस गे-गैंग के सदस्यों पर भी पैनी नजर बनाए हुए है. साहवेज भी इस गे-गैंग का सदस्य है और भी न जाने कितने युवा इस गे-गैंग से जुड़े हैं. पुलिस ने साइबर सेल से जब जांच कराई तो कई चौकाने वाली बातें सामने आई. हालांकि इस पूरे मामले पर अधिकारी साफ-साफ बोलने से बच रहे हैं. इंटरनेट की दुनिया में अब गे-प्रोवाइड कराना या फिर उनके कॉन्टेक्ट नंबर प्रोवाइड कराना मुश्किल काम नहीं है. हो सकता है यश की मंशा कुछ और रही हो, लेकिन न चाहते हुए भी वो एक ऐसे जाल में फंस गया और उस रास्ते पर चल निकला जो उसके लिए था ही नहीं. पुलिस अब इस बात की भी तफ्तीश कर रही है कि आखिर ये साइट ऐसा क्या प्रलोभन देती हैं जो युवा इनके मायाजाल में फंस रहे हैं.

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