भारत में कोरोना के नए स्ट्रेन से संक्रमित मिले 14 और लोग, अकेले दिल्ली में 8 मरीज

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ABC NEWS: भारत में कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन के 14 और मामले (Coronavirus New Strain)  पाए गए हैं. इसके साथ ही इस नए स्ट्रेन से संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 20 पहुंच चुकी है. केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याणा मंत्रालय ने बुधवार सुबह इसकी जानकारी दी. बता दें मंगलवार को कोविड के ब्रिटेन स्ट्रेन के 6 मामले पाए गए थे. बताया गया कि कुल 20 मामलों में से 8 राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के हैं.
मंत्रालय ने बताया, ‘मंगलवार को NCDC दिल्ली में 14, NIBG कोलकाता के समीप कल्याणी में 7,NIV पुणे में 50,  निमहंस में 15, सीसीएमबी में 15, आईजीआईबी में 6 समेत कुल 107 सैंपल्स की जांच हुई. इसमें से 8 दिल्ली, 1 कोलकाता के समीप कल्याणी, 1, एनआईवी पुणे, 7 निमहंस, 2 सीसीएबी, 1 आईजीआईबी में संक्रमित पाए गए हैं. इन सभी संक्रमितों के जीनोम सिक्वेंसिंग से पता चला कि यह वायरस के नए स्वरूप से संक्रमित हैं.
विदेश से आए सभी यात्रियों की जांच और जीनोम सिक्वेंसिंग
दूसरी ओर  नये स्वरूप से वायरस से संक्रमित लोगों के मामले पाए जाने के बीच सरकार ने फैसला किया है कि वे सभी अंतरराष्ट्रीय यात्री ‘जीनोम सीक्वेंसिंग’ का हिस्सा होंगे जो नौ से 22 दिसंबर तक भारत पहुंचे हैं और कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं. केंद्र यह कवायद इसलिए कर रहा है, ताकि पता लगाया जा सके कि कहीं ये लोग विषाणु के उस नए प्रकार से तो संक्रमित नहीं हैं जो हाल में ब्रिटेन में पाया गया है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के ‘जीनोम सीक्वेंसिंग‘ पर दिशा-निर्देश के मुताबिक, अन्य यात्रियों को राज्य और जिला निगरानी अधिकारी देखेंगे और उनके भारत पहुंचने के पांचवें से 10 वें दिन के बीच उनकी आईसीएमआर के दिशा-निर्देशों के मुताबिक जांच की जाएगी, भले ही उनमें कोई लक्षण नहीं दिख रहा हो.

संक्रमित पाए गए हैं तो वे जीनोम सीक्वेंसिंग का हिस्सा होंगे- MOHFW
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के ‘जीनोम सीक्वेंसिंग’ दिशा-निर्देश संबंधी दस्तावेज में कहा गया है, ‘पिछले 14 दिन (9 से 22 दिसंबर तक) में भारत पहुंचे सभी अंतरराष्ट्रीय यात्री, यदि उनमें लक्षण हैं और संक्रमित पाए गए हैं तो वे जीनोम सीक्वेंसिंग का हिस्सा होंगे.’
भारतीय हवाई अड्डा प्राधिकरण के मुताबिक, इस साल नवंबर में कुल 10.44 लाख अंतरराष्ट्रीय यात्री भारत आए और गए हैं. ब्रिटेन में पाया गया कोराना वायरस का नया प्रकार अब तक डेनमार्क, नीदरलैंड, ऑस्ट्रेलिया, इटली, स्वीडन, फ्रांस, स्पेन, स्विट्जरलैंड, जर्मनी, कनाडा, जापान, लेबनान और सिंगापुर में भी मिल चुका है.
स्वास्थ्य मंत्रालय ने प्रयोगशाला और महामारी निगरानी और देश में कोरोना वायरस की समूची ‘जीनोम सीक्वेंसिंग’ के विस्तार और यह समझने के लिए भारतीय ‘सार्स-कोव-2 जीनोमिक्स कंसोर्टियम’ स्थापित किया है कि वायरस का प्रसार किस तरह होता है एवं इसकी उत्पत्ति किस तरह होती है.
भारत ने वायरस के नए स्ट्रेन का पता लगाने और  इसे रोकने के लिए एक प्री एक्टिवेटेड रणनीति तैयार की है. इसमें 23 दिसंबर की मध्यरात्रि से 31 दिसंबर तक ब्रिटेन से आनेवाली सभी उड़ानों को अस्थायी रूप से रोकने और ब्रिटेन से लौटे सभी हवाई यात्रियों की आरटी-पीसीआर से जांच अनिवार्य करना शामिल है.
ताकि वायरस के नए प्रकार का जल्दी पता चल सके
केंद्र सरकार ने 10 क्षेत्रीय प्रयोगशालाओं की पहचान की है जहां उनके कोविड-19 से संक्रमित पांच प्रतिशत नमूनों को ‘जीनोम सीक्वेंसिंग’ के लिए भेजा जाएगा जिससे कोरोना वायरस के नए प्रकार का पता लगाया जा सके.

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